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Wednesday, March 25, 2026
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भारत के लिए Fitch ने अपने GDP की वृद्धि दर का अनुमान घटाया, 7 प्रतिशत से 6.4 प्रतिशत किया

भारत के आर्थि‍क हालातों को लेकर हाल ही में जारी हुए GDP आंकड़ों ने देशवासियों को निराश किया है। ऐसे में अब अंतरराष्ट्रीय रेटिंग एजेंसी Fitch ने देश को एक और झटका दे दिया है।

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। भारत के आर्थि‍क हालातों को लेकर हाल ही में जारी हुए जीडीपी आंकड़ों ने देशवासियों को निराश किया है। ऐसे में अब अंतरराष्ट्रीय रेटिंग एजेंसी Fitch ने देश को एक और झटका दे दिया है। इस कंपनी ने वित्त वर्ष 2024-25 के लिए भारत की जीडीपी ग्रोथ का अनुमान सात फीसदी से घटाकर 6.4 फीसदी कर दिया है। हालांकि, कई संकेतकों के आधार पर फिच को उम्मीद है कि अर्थव्यवस्था गति बनाए रखेगी और आने वाले वक्‍त में भारत आर्थ‍िक क्षेत्र में अच्‍छा प्रदर्शन करेगा। 

“भारतीय अर्थव्यवस्था में वृद्धि जारी रहेगी”

फिच का मानना है कि देशवासियों की जरूरतों को देखते हुए उपभोक्ता बाजार में खरीदारी जारी रहने से अर्थव्यवस्था में सुधार के संकेत दिखेंगे। वहीं डिजिटलाइजेशन और इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए सरकार द्वारा दी गई मदद विकास का ग्रोथ इंजन बनेगी। हालांकि, फिच ने वित्त वर्ष 2026 के लिए इस अनुमान को 2025 से थोड़ा बढ़ाकर 6.5 प्रतिशत कर दिया है। जो वित्त वर्ष 2024 के अनुमान 8.2 फीसदी से काफी कम है। फिच ने इस अनुमान के साथ यह भी स्पष्ट किया है कि परिसंपत्ति प्रदर्शन के आधार पर यह कहा जा सकता है कि भारतीय अर्थव्यवस्था में वृद्धि जारी रहेगी।

केंद्र सरकार ने रोजगार सृजन को अपने प्राथमिक आर्थिक एजेंडे में रखा है

इस दौरान GDP ग्रोथ महज 5.4 फीसदी रहने का संकेत दिया गया है।

जीडीपी ग्रोथ के लिहाज से देखा जाए तो मौजूदा साल की दूसरी तिमाही बेहद खराब रही। आंकड़ों के आधार पर बात करें तो इस दौरान GDP ग्रोथ महज 5.4 फीसदी रहने का संकेत दिया गया है। जो पिछली सात तिमाहियों में सबसे कम है। इसका सबसे बड़ा कारण देश के शहरी मध्यम वर्ग की घटती क्रय शक्ति है। महंगाई में बढ़ोतरी की तुलना में आय में बढ़ोतरी नहीं होने के कारण यह वर्ग जीवन की जरूरतों पर कम खर्च करने को मजबूर है। यहां देखा यही जा रहा है कि अब तक, देश का शहरी मध्यम वर्ग भारत की वृद्धि को गति देने के लिए ग्रोथ इंजन के रूप में काम कर रहा है। देश में आर्थिक विकास के ऐसे गिरते अनुमानों से भारत सरकार भी चिंतित हो गई है। खराब आर्थिक विकास की इस बाधा को दूर करने के लिए केंद्र सरकार ने रोजगार सृजन को अपने प्राथमिक आर्थिक एजेंडे में रखा है।

न्यूयॉर्क शहर में फिच पब्लिशिंग कंपनी के रूप में की थी

आपको बता दें कि फिच एक अमेरिकी क्रेडिट रेटिंग एजेंसी है। यह US Securities & Exchange Commission द्वारा नामित तीन प्रमुख मान्यता प्राप्त सांख्यिकीय रेटिंग संगठनों (NRSRO) में से एक है अन्‍य दो प्रमुख रेटिंग एजेंसिस में मूडीज और स्टैंडर्ड एंड पूअर्स हैं। इस तरह से इसे “बिग थ्री क्रेडिट रेटिंग एजेंसियों” में से एक माना जाता है।फिच रेटिंग्स का मुख्यालय न्यूयॉर्क और लंदन में है। यह कंपनी फिच रेटिंग्स फिच समूह का हिस्सा हैं, जिसमें कि एक फिच सॉल्यूशंस भी है। फर्म की स्थापना जॉन नोल्स फिच ने 24 दिसंबर, 1914 को न्यूयॉर्क शहर में फिच पब्लिशिंग कंपनी के रूप में की थी।

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