नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। महाराष्ट्र की सियासत में नगर निकाय चुनाव से पहले बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। पुणे महानगर पालिका (PMC) चुनाव 2026 को लेकर शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे गुट) और कांग्रेस के बीच औपचारिक गठबंधन तय हो गया है। दोनों दलों ने साथ मिलकर चुनाव लड़ने का ऐलान करते हुए सीटों का फॉर्मूला भी सार्वजनिक कर दिया है। इस गठबंधन की घोषणा कांग्रेस नेता सतेज पाटिल और शिवसेना (यूबीटी) नेता सचिन अहीर ने संयुक्त रूप से की।
”इसका मकसद पुणे में मजबूत विकल्प पेश करना है”
घोषणा के मुताबिक, पुणे महानगर पालिका की कुल 165 सीटों में से कांग्रेस 60 सीटों पर और शिवसेना (यूबीटी) 45 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारेगी। शेष सीटों को लेकर सहयोगी दलों के साथ बातचीत जारी है और जल्द ही उन पर भी फैसला लिया जाएगा। सचिन अहीर ने बताया कि गठबंधन का यह फॉर्मूला दोनों दलों की सहमति से तय किया गया है और इसका मकसद पुणे में मजबूत विकल्प पेश करना है।
राज ठाकरे की पार्टी MNS इस गठबंधन के साथ है
इस दौरान महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) को लेकर भी स्थिति साफ की गई। सचिन अहीर ने कहा कि राज ठाकरे की पार्टी MNS इस गठबंधन के साथ है और आगे भी साथ रहेगी। उन्होंने संकेत दिए कि पुणे में विपक्षी एकजुटता को और मजबूत करने की कोशिश की जा रही है, ताकि सत्ताधारी गठबंधन को कड़ी चुनौती दी जा सके।
मतदाताओं से सोच-समझकर फैसला लेने की अपील की
पिंपरी-चिंचवड में दोनों एनसीपी गुटों के एक साथ आने के सवाल पर अहीर ने बीजेपी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि विपक्षी स्पेस खत्म करने की यह एक सोची-समझी रणनीति है, जिसे खुद मुख्यमंत्री भी स्वीकार कर चुके हैं। उन्होंने इसे लोकतंत्र के लिए खतरनाक बताते हुए मतदाताओं से सोच-समझकर फैसला लेने की अपील की।
महायुति सरकार पर हमला बोलते हुए शिवसेना (यूबीटी) नेता ने कहा कि राज्य में सत्ता में रहने के बावजूद मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री कानून-व्यवस्था, ट्रैफिक और भ्रष्टाचार जैसे मुद्दों पर पूरी तरह विफल रहे हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि ऐसी स्थिति में सत्ताधारी दल किस आधार पर पुणेकरों से वोट मांगेंगे।





