नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। देश के सबसे बड़े प्राइवेट बैंक HDFC Bank ने अपने निवेशकों को बड़ी खुशी दी है। बैंक ने घोषणा की है कि वह अपने इतिहास में पहली बार बोनस शेयर जारी करने और वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए विशेष अंतरिम लाभांश (Special Interim Dividend) देने पर विचार कर रहा है। 19 जुलाई को होने वाली बोर्ड की बैठक में इस प्रस्ताव पर फैसला लिया जाएगा। हालांकि, इस कदम को लागू करने के लिए शेयरधारकों की मंजूरी जरूरी होगी।
बैंक की जानकारी से उछले शेयर
बैंक की इस घोषणा के बाद HDFC के शेयरों में तेजी दर्ज की गई है। स्टॉक मार्केट को भेजी गई सूचना में बैंक ने बताया कि वह बोनस शेयर और विशेष लाभांश की योजना पर विचार कर रहा है, जो निवेशकों के लिए एक सकारात्मक संकेत है।
अभी तक नहीं बताया बोनस का अनुपात
बैंक ने अभी तक यह नहीं बताया है कि बोनस शेयर का अनुपात क्या होगा, यानी एक शेयर पर कितने बोनस शेयर मिलेंगे। लेकिन अगर इसे मंजूरी मिलती है, तो यह HDFC बैंक के इतिहास में पहली बार होगा जब बोनस शेयर दिए जाएंगे। बैंक के एमडी और सीईओ शशिधर जगदीशन ने अपनी सालाना रिपोर्ट में बताया कि चालू वित्तीय वर्ष में बैंक का कर्ज (लोन) उद्योग के बराबर बढ़ेगा। अगले साल बैंक इस ग्रोथ को भी पीछे छोड़ सकता है। खास बात ये है कि बैंक की जमा राशि, कर्ज की तुलना में 2.5 गुना तेज़ी से बढ़ी है। उन्होंने कहा कि पिछली तिमाही में भी बैंक की परिसंपत्ति गुणवत्ता मजबूत बनी रही और मुनाफा भी अच्छा रहा।
मार्च 2025 तक 67,347 करोड़ रुपये का मुनाफा
मार्च 2025 में समाप्त वित्तीय वर्ष में HDFC बैंक का नेट प्रॉफिट 10.7% बढ़कर 67,347.4 करोड़ रुपये हो गया। जबकि शुद्ध ब्याज आय (Net Interest Income) में भी 13% की वृद्धि दर्ज की गई। HDFC की सहायक कंपनी HDFC Life Insurance ने भी शानदार प्रदर्शन किया है। चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में कंपनी का नेट प्रॉफिट 14.4% बढ़कर 546 करोड़ रुपये रहा। पिछले साल इसी तिमाही में यह आंकड़ा 478 करोड़ रुपये था। शुद्ध प्रीमियम आय भी बढ़कर 14,466 करोड़ रुपये हो गई है। ‘बैक-बुक मुनाफा’ बढ़ने से यह लाभ हुआ है। यह उन पॉलिसियों से कमाई को दर्शाता है, जो कंपनी पहले ही बेच चुकी है और अब उनसे रेगुलर आय हो रही है। HDFC बैंक की ओर से बोनस शेयर और स्पेशल डिविडेंड की योजना शेयरधारकों के लिए बहुत बड़ी खुशखबरी है। अगर इस प्रस्ताव को मंजूरी मिलती है, तो यह बैंकिंग क्षेत्र के लिए एक नया मील का पत्थर साबित होगा। साथ ही, HDFC समूह की मजबूत वित्तीय स्थिति भी इस पहल को और मज़बूत आधार देती है।





