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Saturday, March 21, 2026
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Union Budget 2025: कैसे तैयार होता है देश का बजट, क्‍या है इसकी प्रोसेस, यहां जानिए पूरी डिटेल

बजट सरकार के आगामी वित्तीय वर्ष (1 अप्रैल से 31 मार्च) के लिए अनुमानित खर्चों और राजस्व की योजना पेश करता है। ऐसे में यह जानना महत्वपूर्ण है आखिर देश का बजट तैयार कैसे होता है।

नई दिल्‍ली/ रफ्तार डेस्क। देश का केंद्रीय बजट वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी को प्रस्‍तुत करने जा रही हैं। यह वित्तीय वर्ष 2025-26 का बजट होगा। वित्‍त मंत्री के 2019 में पदभार संभालने के बाद से यह उनका लगातार आठवां बजट है। Union Budget में सरकार आगामी वित्त वर्ष के लिए अनुमानित खर्चों और राजस्व की योजना पेश करता है। ऐसे में यह जानना महत्वपूर्ण है आखिर देश का बजट तैयार कैसे होता है।

सभी स्टेकहोल्डर्स से मांगा जाता है खर्च और रेवेन्यू का ब्योरा

बजट तैयार करना एक लंबा और पेचीदा काम है। इसमें वित्त मंत्रालय के साथ-साथ नीति आयोग और दूसरे मंत्रालय अपना योगदान देते हैं। बजट को बनाने में कई महीनों का वक्त लगता है। बजट बनाने की प्रक्रिया की शुरुआत एक सर्कुलर से होती है, जो वित्त मंत्रालय की तरफ से अलग-अलग स्टेकहोल्डर्स को भेजी जाती है। इन स्टेक होल्डर्स में सभी मंत्रालय, राज्य, केंद्र शासित प्रदेश और ऑटोनॉमस बॉडीज़ शामिल होती हैं। इस सर्कुलर में स्टेकहोल्डर्स से मांग की जाती है कि वो अपने रेवेन्यू और खर्च का ब्योरा दें।

इसके बाद सभी स्टेक होल्डर्स की तरफ से भेजे गए एस्टिमेट्स को कम्पाइल किया जाता है। इसकी मदद से पूरे देश के खर्च और रेवेन्यू का आंकलन किया जाता है और उसके हिसाब से बजट की स्ट्रेटेजी तैयार की जाती है। 

फंड का आवंटन

कमाई और खर्च का एस्टिमेट तय होने के बाद वित्त मंत्री सभी मंत्रालयों और विभागों के लिए फंड एलोकेट करती हैं। इसके लिए वह पहले सभी स्टेक होल्डर्स के साथ विचार विमर्श करती हैं। ताकि सरकार की प्राथमिकता तय की जा सके और हर क्षेत्र में जरूरत के हिसाब से फंड एलोकेट किया जा सके।

बजट से जुड़े फैसलों को फाइनल करना

विचार विमर्श के बाद फंड एलोकेट कर लेने के बाद उसको इवैल्युएट किया जाता है। अलग-अलग मापदंडों पर उस फैसलो के परखा जाता है। इसके बाद इस बजट को केंद्रीय कैबिनेट या प्रधानमंत्री के सामने पेश किया जाता है और फिर बजट को फाइनल किया जाता है।

हलवा सेरेमनी

बजट फाइनल होने के बाद बजट से जुड़े डॉक्यूमेंट्स तैयार किए जाते हैं। प्रतीक के तौर पर डॉक्यूमेंट्स बनाना शुरू करने से पहले हलवा सेरेमनी शुरू की जाती है। भारतीय संस्कृति में शुभकाम की शुरुआत मीठा खाकर करते हैं। उसी के प्रतीक के तौर पर हलवा सेरेमनी रखी जाती है। इसके बाद वित्त मंत्रालय के अधिकारी बजट डॉक्यूमेंट तैयार करते हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, मंत्रालय का करीब 100 लोगों का स्टाफ बजट डॉक्यूमेंट तैयार करने के दौरान 2 से 3 हफ्ते तक वित्त मंत्रालय के नॉर्थ ब्लॉक ऑफिस में ही रहता है और डॉक्यूमेंट बनाने में तैयार होने वाले सभी कम्प्यूटरों को दूसरे नेटवर्क्स से डिसकनेक्ट करके रखा जाता है।

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