नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के नतीजों के बाद पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में वरिष्ठ नेता आर के सिंह को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से निलंबित कर दिया गया है। अनुशासन का सख्त संदेश: यह कदम संगठन के भीतर अनुशासन बनाए रखने और पार्टी विरोधी बयानों पर सख्त रुख दिखाने के लिए बताया जा रहा है। आंतरिक आलोचना: RK सिंह ने चुनाव के दौरान कुछ बीजेपी और NDA नेताओं जैसे सम्राट चौधरी पर सीधा हमला किया था, साथ ही उन्हीं के खिलाफ वोट न देने की अपील भी की है।
पार्टी विरोधी गतिविधियों का आरोप
बीजेपी नेतृत्व ने कहा है कि आर के सिंह ने चुनाव प्रचार के दौरान पार्टी का प्रतिरोध किया और सार्वजनिक बयान दिए जो पार्टी की रणनीति और गठबंधन के हितों के खिलाफ थे। उनकी गतिविधियों को पार्टी द्वारा अनुशासनहीन माना गया है। नियुक्तियों से बाहर रखा गया था पहले ही चुनाव से पहले ही RK सिंह को बीजेपी की बिहार चुनाव प्रचार समिति और मैनिफेस्टो समिति से शामिल नहीं किया गया था। इससे पहले ही पार्टी अंदर से असहमति के इशारे मिल रहे थे।
सतर्कता बढ़ी क्योंकि उन्होंने की थी आरोप-पुष्टि
आर के सिंह ने कुछ वरिष्ठ बीजेपी NDA नेताओं पर भ्रष्टाचार और दागी दावेदार होने का आरोप लगाया था। उन्होंने कहा था कि अगर इन आरोपों का सामना नहीं किया जाए, तो ये पार्टी की साख को नुकसान पहुंचा सकते हैं। उन्होंने इन नेताओं को साफ स्वरूप दिखाने या इस्तीफा देने की मांग की है। पार्टी ने इस निलंबन से एक स्पष्ट संदेश भेजा है। संगठन के अंदर अनुशासन और एकता जरूरी है, खासकर चुनाव के बाद। यह कदम उन नेताओं के प्रति चेतावनी के रूप में भी देखा जा सकता है, जो पार्टी लाइन से अलग बर्ताव कर सकते हैं। RK सिंह पहले केंद्रीय मंत्री रह चुके हैं और उनकी राजनीतिक पहचान मजबूत है। उन्होंने बिहार में शराब प्रतिबंध (prohibition) नीति पर भी खुलकर टिप्पणी की थी, जो पार्टी के कुछ गठबंधन दलों के लिए विवादास्पद रही। इसके अलावा, उन्होंने आरोप लगाया है कि उनकी पिछली हार में पार्टी के अंदर कुछ लोगों ने उनकी मदद नहीं की, और उन्हें अपने ही दल से धोखा दिया गया।





