नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क । रिटायरमेंट प्लानिंग जितनी जल्दी हो सके उतनी जल्दी शुरू कर देना चाहिए, ताकि भविष्य को बेहतर और सुरक्षित बनाया जा सके। रिटायरमेंट प्लानिंग के लिए सबसे पहले ये तय कर लें कि रिटायर होने के बाद आपकी जरूरतें क्या होंगी और आप कैसी लाइफस्टाइल चाहते हैं। ऐसे में आपको तय करना होगा कि आप कितना बड़ा रिटायरमेंट फंड चाहते हैं और उसी फिर उसी हिसाब से बचत शुरू कर दें। म्यूचुअल फंड में एसआईपी से लेकर पीपीएफ और एनपीएस जैसी सरकारी योजनाओं में निवेश कर सकते हैं। यहां जानिए पूरी डिटेल।
फाइनेंशियल एडवाइजर की राय मानें तो व्यक्ति को 30 साल की उम्र से अपना रिटायरमेंट प्लान शुरू कर देना चाहिए। इससे आप बड़ा रिटायरमेंट फंड बना पाएंगे और आपको बुढ़ापे में आर्थिक नजरिये से किसी पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।
ऐसे शुरू कर दें अपनी बचत
– गैर-जरूरी खर्चों पर लगाम कसना शुरू कर दें। बचत करने पर ज्यादा ध्यान दीजिए।
– यदि आपने कोई बड़ा लोन लिया है तो उसे जल्दी खत्म करने की कोशिश करें।
– एकमुश्त पैसे बचाने की जरूरत नहीं, छोटी-छोटी सेविंग से बड़ा फंड तैयार कर सकते हैं।
– रिटायरमेंट लक्ष्य को हासिल करने के लिए निवेश की नियमित रूप से समीक्षा करते रहें।
मुद्रास्फीति को ध्यान में रखना जरूरी
मुद्रास्फीति (inflation) का मतलब है कि यह गणना करना कि सालाना आधार पर चीजों की कीमतें किस तरह से बढ़ रही हैं। भारत में अभी मुद्रास्फीति 5 फीसदी के करीब है। लेकिन यह 1974 में 28 फीसदी के पार पहुंच गई थी। इसलिए ऐसी प्लानिंग में इन्वेस्ट करें जिसमें अधिक रिटर्न मिलने की संभावना हो। लंबी अवधि में मुद्रास्फीति आपकी आर्थिक स्थिति को सबसे अधिक प्रभावित कर सकती है। इसलिए आपको इस ओर सबसे ज्यादा ध्यान देना चाहिए।
जानिए क्या है Risk Management
रिटायरमेंट के लिए इन्वेस्ट करने से पहले रिस्क मैनेजमेंट (Risk Management) का भी ध्यान रखें। आप अपनी पूरी बचत किसी एक ही स्कीम में इन्वेस्ट करने की वजाय उसे अलग-अलग निवेश माध्यमों में लगाएं। जैसे कि कुछ पैसे शेयर मार्केट में लगाएं और अच्छे फंडामेंटल वाले स्टॉक खरीदें।
म्यूचुअल फंड (Mutual Funds) में एसआईपी भी अच्छा विकल्प हो सकता है। कुछ पैसा सरकारी योजनाओं में भी इन्वेस्ट कर सकते हैं। इससे आपको अच्छा रिटर्न मिलेगा। गोल्ड या रियल एस्टेट में इन्वेस्ट भी अच्छा विकल्प है। इसके अलावा आप अच्छे इन्वेस्टमेंट के लिए फाइनेंशियल एडवाइजर की सलाह भी ले सकते हैं।




