नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। पश्चिम एशिया में जारी युद्ध को लेकर प्रधानमंत्री Narendra Modi ने लोकसभा में बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि यह संकट अब तीन हफ्तों से ज्यादा समय से जारी है और पूरी दुनिया इसके समाधान की कोशिश कर रही है। पीएम मोदी ने कहा कि भारत की संसद से भी यह संदेश जाना चाहिए कि सभी पक्ष जल्द से जल्द शांति का रास्ता अपनाएं।
भारतीयों की सुरक्षा सरकार की पहली प्राथमिकता
प्रधानमंत्री ने कहा कि युद्ध प्रभावित देशों में फंसे भारतीयों की सुरक्षा सबसे अहम है। अब तक 3 लाख 75 हजार भारतीय सुरक्षित वापस लौट चुके हैं 24 घंटे हेल्पलाइन और मिशन के जरिए मदद जारी सरकार लगातार प्रभावित देशों से संपर्क मेंउन्होंने बताया कि कुछ भारतीय घायल भी हुए हैं, जिनका इलाज कराया जा रहा है और उनके परिवारों से संपर्क बनाए रखा गया है।
तेल और गैस सप्लाई पर क्या असर?
Narendra Modi ने कहा कि भारत की ऊर्जा जरूरतों का बड़ा हिस्सा पश्चिम एशिया से आता है। कच्चा तेल और गैस की सप्लाई इसी क्षेत्र से होती है युद्ध के कारण सप्लाई चेन प्रभावित हुई है सरकार वैकल्पिक स्रोतों से भी तेल खरीद रही है प्रधानमंत्री ने बताया कि भारत ने अपनी ऊर्जा नीति में बड़ा बदलाव किया है। पहले 27 देशों से इम्पोर्ट होता थ अब 41 देशों से ऊर्जा आयात किया जा रहा है इससे संकट के समय सप्लाई पर असर कम होता है
कच्चे तेल का मजबूत भंडार
सरकार ने ऊर्जा सुरक्षा के लिए रिजर्व भी बढ़ाया है 53 लाख मीट्रिक टन कच्चे तेल का स्टॉक लक्ष्य 65 लाख मीट्रिक टन इससे आपात स्थिति में देश को राहत मिल सकती है। पीएम मोदी ने कहा कि घरेलू LPG सप्लाई को प्राथमिकता दी जा रही है, ताकि आम लोगों को किसी तरह की परेशानी न हो। साथ ही सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि जरूरी सामान की सप्लाई बनी रहे और किसी तरह की कमी न हो। प्रधानमंत्री ने बताया कि भारत सभी पक्षों से बात कर रहा है ताकि जरूरी सामान लेकर आने वाले जहाज सुरक्षित भारत पहुंच सकें। होर्मुज स्ट्रेट से जुड़े जहाजों पर विशेष ध्यान कई फंसे जहाजों को सुरक्षित निकाला गया। पीएम मोदी ने साफ चेतावनी दी कि संकट के समय जमाखोरी और कालाबाजारी करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। राज्य सरकारों को भी सख्त कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं। सरकार भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए वैकल्पिक ऊर्जा पर भी काम कर रही है।




