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Sunday, March 22, 2026
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हफ्ते के पहले दिन शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव, Sensex-Nifty कभी लाल तो कभी हरे निशान पर

सोमवार 16 मार्च को भारतीय शेयर बाजार कमजोर शुरुआत के साथ खुला। BSE Sensex और Nifty 50 लाल निशान पर ओपन हुए. वैश्विक तनाव और विदेशी निवेशकों की बिकवाली के कारण बाजार में उतार-चढ़ाव बना हुआ है।

नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। सप्ताह के पहले कारोबारी दिन सोमवार, 16 मार्च को भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत कमजोर रही। प्रमुख बेंचमार्क इंडेक्स BSE Sensex और Nifty 50 लाल निशान पर खुले। 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 148.13 अंक यानी 0.20 प्रतिशत गिरकर 74,415.79 के स्तर पर खुला। वहीं निफ्टी 50 भी 35 अंक यानी 0.15 प्रतिशत की गिरावट के साथ 23,116.10 के स्तर पर ओपन हुआ।

शुक्रवार को भी बाजार में आई थी बड़ी गिरावट

इससे पहले शुक्रवार, 13 मार्च को भी शेयर बाजार में भारी गिरावट देखने को मिली थी. कारोबार के अंत में सेंसेक्स 1,470.50 अंक यानी 1.93 प्रतिशत गिरकर 74,563.92 पर बंद हुआ था। वहीं निफ्टी 50 भी 488.05 अंक यानी 2.06 प्रतिशत गिरकर 23,151.10 के स्तर पर बंद हुआ था।

इन शेयरों में दिखी तेजी और गिरावट

शुक्रवार के कारोबार में Hindustan Unilever और Bharti Airtel के शेयर टॉप गेनर रहे। वहीं Larsen & Toubro, Tata Steel, State Bank of India, Maruti Suzuki और Axis Bank के शेयरों में सबसे ज्यादा गिरावट देखने को मिली।

कई सेक्टर के शेयरों में कमजोरी

शुक्रवार के कारोबार में निफ्टी के कई सेक्टरों में गिरावट दर्ज की गई. इसमें Nifty Bank, Nifty Auto, Nifty FMCG, Nifty IT, Nifty Midcap 100 और Nifty Smallcap 100 शामिल हैं। बीएसई के 30 शेयरों में से सिर्फ 2 शेयर हरे निशान में बंद हुए थे, जबकि 28 शेयरों में गिरावट दर्ज की गई।

वैश्विक कारणों से बाजार पर दबाव

मार्केट एक्सपर्ट और लाइवलॉन्ग वेल्थ के संस्थापक Hariprasad K के अनुसार वैश्विक जोखिम, पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की लगातार बिकवाली के कारण भारतीय बाजार पर दबाव बना हुआ है। पिछले सप्ताह सेंसेक्स करीब 4,354 अंक यानी 5.51 प्रतिशत टूट गया था, जबकि निफ्टी में भी करीब 1,299 अंक यानी 5.31 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। विशेषज्ञों का कहना है कि Strait of Hormuz में जारी तनाव के कारण वैश्विक कच्चे तेल की आपूर्ति प्रभावित हो सकती है। अगर ऐसा होता है तो एशियाई देशों में महंगाई बढ़ने का खतरा भी बढ़ सकता है। यही कारण है कि निवेशकों में फिलहाल सतर्कता का माहौल बना हुआ है और बाजार में उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है।

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