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Tuesday, March 31, 2026
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2027 चुनाव से पहले पश्चिमी UP पर सपा का फोकस, दादरी से अखिलेश यादव शुरू करेंगे अभियान

उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले अखिलेश यादव ने पश्चिमी यूपी के लिए बड़ा राजनीतिक प्लान तैयार किया है। सपा 29 मार्च को चुनावी अभियान की शुरुआत करेगी।

नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव को देखते हुए Samajwadi Party ने अभी से अपनी रणनीति पर काम शुरू कर दिया है। पार्टी प्रमुख Akhilesh Yadav 29 मार्च को गौतमबुद्धनगर के दादरी में समाजवादी समानता भाईचारा रैली को संबोधित करेंगे। इस रैली को सपा के चुनावी अभियान की शुरुआत के तौर पर देखा जा रहा है।

पश्चिमी यूपी पर खास फोकस

समाजवादी पार्टी इस बार खास तौर पर पश्चिमी उत्तर प्रदेश में अपनी पकड़ मजबूत करना चाहती है। पार्टी की कोशिश है कि पीडीए (पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक) के साथ-साथ जाट और गुर्जर समुदाय को भी अपने साथ जोड़ा जाए। दादरी की रैली इसी रणनीति का अहम हिस्सा मानी जा रही है। पार्टी नेता इस रैली में बड़ी संख्या में लोगों को जुटाकर शक्ति प्रदर्शन की तैयारी कर रहे हैं।

पिछली बार नहीं मिली थी उम्मीद के मुताबिक सफलता

समाजवादी पार्टी ने साल 2012 में बहुमत के साथ सरकार बनाई थी, लेकिन उसके बाद 2017 और 2022 के विधानसभा चुनाव में पार्टी सत्ता में वापसी नहीं कर सकी। 2022 के चुनाव में सपा को 403 सीटों में से सिर्फ 111 सीटों पर जीत मिली थी। उस समय Rashtriya Lok Dal के साथ गठबंधन होने के बावजूद पश्चिमी यूपी में पार्टी को उम्मीद के मुताबिक सफलता नहीं मिल पाई।

पश्चिमी यूपी में भाजपा का मजबूत आधार

पश्चिमी उत्तर प्रदेश में BJP का मजबूत आधार माना जाता है। गौतमबुद्धनगर जिले की तीनों सीटों नोएडा, दादरी और जेवर पर भाजपा ने जीत दर्ज की थी। इसके अलावा गाजियाबाद, मेरठ, बुलंदशहर और बागपत जैसे जिलों में भी भाजपा को बढ़त मिली थी। अब राष्ट्रीय लोकदल के भाजपा के साथ आने से सपा की चुनौती और बढ़ गई है।

रैली को सफल बनाने की तैयारी

दादरी में होने वाली रैली को सफल बनाने के लिए पार्टी ने गौतमबुद्धनगर, गाजियाबाद, मेरठ, बुलंदशहर, बागपत और हापुड़ जिलों के नेताओं को जिम्मेदारी दी है। पार्टी पदाधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे ज्यादा से ज्यादा लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करें, ताकि रैली के जरिए सपा अपनी राजनीतिक ताकत दिखा सके। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि दादरी और आसपास के इलाकों में जाट और गुर्जर मतदाताओं का खास प्रभाव है। वहीं दलित और अल्पसंख्यक मतदाताओं की भी अच्छी संख्या है। ऐसे में समाजवादी पार्टी इस रैली के जरिए इन सभी वर्गों को एक मंच पर लाकर पश्चिमी यूपी में अपनी राजनीतिक जमीन मजबूत करने की कोशिश कर रही है।

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