नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार बल्लेबाज रिंकू सिंह पर 27 फरवरी की सुबह दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। लिवर कैंसर से जूझ रहे उनके पिता खानचंद सिंह का ग्रेटर नोएडा के यथार्थ अस्पताल में निधन हो गया। बताया जा रहा है कि सुबह करीब 5 बजे यह दुखद खबर सामने आई। एक दिन पहले ही टीम इंडिया ने चेन्नई में जिम्बाब्वे के खिलाफ सुपर-8 का मुकाबला खेला था, जिसमें रिंकू प्लेइंग इलेवन का हिस्सा नहीं थे। पिता की गंभीर हालत की जानकारी मिलने के बाद वह तुरंत चेन्नई से ग्रेटर नोएडा रवाना हो गए थे। परिवार के लिए यह समय बेहद भावुक और कठिन है, क्योंकि पिछले कई दिनों से उनके पिता अस्पताल में जिंदगी और मौत की जंग लड़ रहे थे।
BCCI का बयान: अभी वर्ल्ड कप से बाहर नहीं रिंकू
इस बीच Board of Control for Cricket in India (BCCI) ने रिंकू को लेकर स्थिति साफ कर दी है। बोर्ड के सचिव देवजीत सैकिया ने न्यूज एजेंसी से बातचीत में कहा कि बीसीसीआई इस कठिन समय में रिंकू और उनके परिवार के साथ खड़ा है। उन्होंने पुष्टि की कि रिंकू चेन्नई से सीधे ग्रेटर नोएडा पहुंचे थे। हालांकि, वेस्टइंडीज के खिलाफ सुपर-8 का अगला मुकाबला वह नहीं खेलेंगे। यह मैच कोलकाता में होना है और टीम इंडिया के लिए किसी वर्चुअल क्वार्टर फाइनल से कम नहीं। इस अहम मुकाबले में जीत दर्ज करने वाली टीम ग्रुप-1 से सेमीफाइनल में जगह बनाएगी।
21 फरवरी से अस्पताल में थे भर्ती
रिंकू के पिता को 21 फरवरी को तब अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जब उनकी तबीयत अचानक ज्यादा बिगड़ गई थी। कैंसर से जूझ रहे पिता की हालत लगातार नाजुक बनी हुई थी। इससे पहले भी रिंकू एक बार टीम कैंप छोड़कर उनसे मिलने पहुंचे थे। परिवार और क्रिकेट के बीच संतुलन बनाना इस युवा खिलाड़ी के लिए आसान नहीं रहा, लेकिन उन्होंने हर जिम्मेदारी को निभाने की कोशिश की।
टीम इंडिया को झटका, लेकिन उम्मीद बरकरार
रिंकू फिलहाल पूरे टूर्नामेंट से बाहर नहीं हुए हैं। BCCI के अनुसार, वह परिवार के साथ समय बिताने के बाद टीम से दोबारा जुड़ सकते हैं। ऐसे में यह साफ है कि भारतीय टीम को अस्थायी झटका जरूर लगा है, लेकिन रिंकू की वापसी की उम्मीद अभी जिंदा है। फैंस भी दुआ कर रहे हैं कि इस कठिन समय से उबरकर वह फिर मैदान पर धमाकेदार अंदाज में लौटें।





