नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को झारखंड के मुख्यमंत्री Hemant Soren के खिलाफ चल रहे मनी लॉन्ड्रिंग मामले के ट्रायल पर अंतरिम रोक लगा दी। मुख्य न्यायाधीश Surya Kant की अगुवाई वाली बेंच ने प्रवर्तन निदेशालय (ED) को नोटिस जारी किया है। बेंच में जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस विपुल एम. पंचोली भी शामिल थे।
ED को फटकार, ‘ऊर्जा सही जगह लगाएं’
सुनवाई के दौरान CJI सूर्यकांत ने ED की कार्यप्रणाली पर टिप्पणी करते हुए कहा, “हमने अखबारों में पढ़ा है कि एजेंसी बड़ी संख्या में बल्क शिकायतें दाखिल कर रही है। उन्होंने नसीहत दी कि जांच एजेंसी को अपनी ऊर्जा और ध्यान उन मामलों पर लगाना चाहिए, जहां से ठोस और रचनात्मक परिणाम निकल सकें।
क्या है पूरा मामला?
यह मामला झारखंड में कथित जमीन घोटाले से जुड़ा है। ED ने हेमंत सोरेन पर मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप लगाए हैं। झारखंड हाईकोर्ट ने पहले उनकी याचिका खारिज कर दी थी, जिसमें केस रद्द करने की मांग की गई थी। इसके बाद सोरेन ने हाईकोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। हेमंत सोरेन ने सुप्रीम कोर्ट में ED द्वारा बार-बार जारी किए गए समन को भी चुनौती दी है। ED ने आरोप लगाया था कि समन के बावजूद पेश न होने पर उनके खिलाफ शिकायत केस दर्ज किया गया।
हाईकोर्ट के फैसले के बाद सुप्रीम कोर्ट का दखल
15 जनवरी को झारखंड हाईकोर्ट ने ED की शिकायत पर विशेष MP-MLA कोर्ट द्वारा लिए गए संज्ञान को रद्द करने से इनकार कर दिया था। अब सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में अंतरिम राहत देते हुए ED की आगे की कार्रवाई पर रोक लगा दी है। सुप्रीम कोर्ट ने ED से जवाब मांगा है और मामले की अगली सुनवाई में आगे की दिशा तय की जाएगी। फिलहाल, हेमंत सोरेन को बड़ी राहत मिली है और ED की कार्रवाई पर अस्थायी रोक लग गई है।





