नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत-पाकिस्तान तनाव को लेकर एक बार फिर बड़ा बयान दिया है। ट्रंप ने दावा किया कि अगर उन्होंने हस्तक्षेप नहीं किया होता तो पाकिस्तान के प्रधानमंत्री Shehbaz Sharif की जान जा सकती थी। उन्होंने कहा कि हालात बेहद गंभीर थे और परमाणु टकराव की आशंका बन रही थी। ट्रंप के मुताबिक, उनकी कूटनीतिक पहल से न सिर्फ तनाव कम हुआ बल्कि 35 मिलियन लोगों की जान बचाई जा सकी।
कांग्रेस में ‘स्टेट ऑफ द यूनियन’ संबोधन
24 फरवरी 2026 की रात ट्रंप ने अमेरिकी कांग्रेस के संयुक्त सत्र में अपना पहला स्टेट ऑफ द यूनियन संबोधन दिया। यह उनके दूसरे कार्यकाल का पहला संबोधन था, जो जनवरी 2025 से शुरू हुआ है। अपने भाषण में ट्रंप ने अर्थव्यवस्था, सीमा सुरक्षा, ड्रग्स कंट्रोल और विदेश नीति को अपनी सरकार की बड़ी उपलब्धियां बताया। ट्रंप ने कहा कि उन्होंने ऐसे समय में सत्ता संभाली जब अमेरिका महंगाई, युद्ध और वैश्विक अस्थिरता से जूझ रहा था। उन्होंने दावा किया कि महंगाई दर में गिरावट आई है और 2025 के आखिरी तीन महीनों में यह 1.7% तक आ गई। कई राज्यों में गैसोलीन की कीमत 2.30 डॉलर प्रति गैलन से नीचे पहुंच गई। अमेरिका पहले से ज्यादा मजबूत और समृद्ध हुआ है। उन्होंने इसे अमेरिका का गोल्डन एज यानी सुनहरा दौर बताया।
सीमा सुरक्षा और ड्रग्स पर बड़ा दावा
ट्रंप ने कहा कि पिछले 9 महीनों में अमेरिका में एक भी अवैध प्रवासी दाखिल नहीं हुआ। उन्होंने यह भी कहा कि फेंटेनिल जैसे खतरनाक ड्रग्स की तस्करी में 56% की कमी आई है। विदेश नीति पर बोलते हुए ट्रंप ने कहा कि वे शांति चाहते हैं, लेकिन अमेरिका की सुरक्षा से समझौता नहीं करेंगे। उन्होंने Iran के न्यूक्लियर प्रोग्राम को लेकर सख्त चेतावनी दी और कहा कि जरूरत पड़ी तो अमेरिका कड़ा कदम उठाएगा। ट्रंप ने पूर्व राष्ट्रपति Joe Biden और उनकी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि उनके कार्यकाल में अमेरिका ने इतिहास की सबसे खराब महंगाई देखी। उन्होंने दावा किया कि उनकी सरकार ने 12 महीनों में हालात बदल दिए। ट्रंप ने अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के टैरिफ से जुड़े फैसले पर भी असंतोष जताया। उन्होंने कहा कि अगर कोई देश टैरिफ समझौते से पीछे हटेगा तो अमेरिका सख्त कदम उठाएगा। ट्रंप ने 15% ग्लोबल टैरिफ को इनकम टैक्स का विकल्प बताते हुए कहा कि इससे अमेरिकी नागरिकों पर आर्थिक बोझ कम होगा।





