नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क । शानदार सेट, शाही किरदार, गाने और दमदार कहानी संजय लीला भंसाली की फिल्मों की यही पहचान है। भंसाली ने अपने करियर की शुरुआत एडिटर और असिस्टेंट के रूप में की थी और आज वे बॉलीवुड के मंझे हुए निर्देशक माने जाते हैं। उनके निर्देशन में बनी ब्लॉकबस्टर फिल्में जैसे हम दिल दे चुके सनम, देवदास, पद्मावत, राम-लीला और ब्लैक ने हिंदी सिनेमा में अपनी अलग पहचान बनाई। संजय लीला भंसाली आज, 24 फरवरी को अपना जन्मदिन मना रहे हैं। आइए जानते हैं कि उनके जीवन और करियर के बारे में कुछ खास बातें।
पिता प्रोड्यूसर थे, फिर भी गरीबी में गुजारा
24 फरवरी 1963 को मुंबई में जन्मे संजय लीला भंसाली के पिता नवीन भंसाली भी फिल्म प्रोड्यूसर थे और उन्होंने जहाजी लुटेरा (1958) जैसी फिल्मों का निर्माण किया था। बावजूद इसके, परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर रही। भंसाली का बचपन चॉल में बीता, जहां उन्होंने अपने माता-पिता और बहन के साथ कड़ी परिस्थितियों में जीवन गुजारा। उनकी मां कपड़े सिलकर परिवार का खर्च चलाती थीं।
साल 2019 में फिल्म कंपैनियन को दिए इंटरव्यू में भंसाली ने बताया कि “हम चॉल में रहते थे। हमारी दीवारों पर पेंट तक नहीं था। मां बहुत अच्छी डांसर थीं और छोटी जगह पर डांस किया करती थीं। हमारे पास पहनने के लिए अच्छे कपड़े नहीं होते थे। ऐसी बहुत सी चीजें थीं, जिनसे मैं वंचित था।” एक अन्य इंटरव्यू में उन्होंने यह भी कहा कि छोटे घर में रहना उनके लिए कठिन था क्योंकि उन्हें क्लॉस्टरॉफोबिया (बंद जगह से डर) था। लेकिन पारिवारिक परिस्थितियों के चलते उन्हें उस हालत में ही जीना पड़ता था।
संजय लीला भंसाली का निर्देशन का सफर
संजय लीला भंसाली में बचपन से ही निर्देशन की प्रतिभा झलकती थी। पढ़ाई में उनका मन कम लगता था, और किताबों को वे रंग-बिरंगे अंदाज में सजाया करते थे। करियर की शुरुआत भंसाली ने एडिटर के रूप में की थी। उनका पहला प्रोजेक्ट था फेमस टीवी सीरियल भारत की खोज, जो देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू द्वारा लिखी The Discovery of India पर आधारित था। टीवी के अनुभव के बाद भंसाली ने फिल्मों की ओर रुख किया और प्रसिद्ध निर्देशक विधु विनोद चोपड़ा के असिस्टेंट बनकर फिल्मों की बारीकियां सीखी। उन्होंने परिंदा फिल्म में असिस्ट किया और फिर 1942: अ लव स्टोरी की कहानी लिखने और एडिटिंग करने में भी हाथ आजमाया। एडिटिंग, असिस्ट और लेखन के अनुभव के बाद अब बारी थी डायरेक्शन की, और यहीं से भंसाली का ब्लॉकबस्टर सफर शुरू हुआ, जिसने हिंदी सिनेमा में उन्हें एक अलग पहचान दिलाई।
इस फिल्म ने दी पहली बड़ी सफलता
साल 1996 में संजय लीला भंसाली ने बतौर डायरेक्टर अपने करियर की शुरुआत की फिल्म खामोशी: द म्यूजिकल से। इस फिल्म में सलमान खान, मनीषा कोइराला, नाना पाटेकर और सीमा बिस्वास ने अहम भूमिकाएं निभाईं। हालांकि बॉक्स ऑफिस पर फिल्म ने बहुत कमर्शियल सफलता नहीं पाई, लेकिन इसकी कहानी और संगीत दर्शकों के दिलों में घर कर गए। खामोशी आज भी हिंदी सिनेमा के क्लासिक कल्ट फिल्मों में गिनी जाती है। इसी फिल्म के लिए मनीषा कोइराला ने स्क्रीन और फिल्मफेयर अवॉर्ड भी जीते।
खामोशी के बाद भंसाली के करियर में पहला बड़ा मील का पत्थर बनी फिल्म हम दिल दे चुके सनम, जिसमें सलमान खान, ऐश्वर्या राय और अजय देवगन मुख्य भूमिका में थे। यह फिल्म कमर्शियली सुपरहिट रही और भंसाली के निर्देशन की नई ऊंचाईयों की शुरुआत बनी।
ये है उनकी बेहतरीन फिल्में
संजय लीला भंसाली न केवल एक कुशल निर्देशक हैं, बल्कि उनकी अधिकांश फिल्मों में उन्होंने कहानी और प्रोडक्शन में भी हाथ आजमाया है। 1999 की सुपरहिट फिल्म हम दिल दे चुके सनम की कहानी भंसाली ने खुद लिखी थी और वे इसके प्रोड्यूसर भी रहे। भंसाली की फिल्मों की खासियत उनकी भव्यता, शाही सेट और संगीत के साथ गहराई है। उनके करियर में फिल्मों के बीच अक्सर लंबा गैप देखने को मिलता है। उदाहरण के लिए, खामोशी (1996) के तीन साल बाद हम दिल दे चुके सनम रिलीज़ हुई, और इसके बाद उनकी अगली फिल्म भी तीन साल के अंतराल के बाद आई।
संजय लीला भंसाली की प्रमुख फिल्में:
हम दिल दे चुके सनम (1999)
देवदास (2002)
ब्लैक (2005)
राउडी राठौड़ (2012)
गोलियों की रासलीला राम-लीला (2013)
मैरी कॉम (2014)
बाजीराव मस्तानी (2015)
पद्मावत (2018)
गंगूबाई काठियावाड़ी (2022)





