नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। लखनऊ में Akhilesh Yadav ने बड़ा राजनीतिक बयान देते हुए मुख्यमंत्री Yogi Adityanath और जगद्गुरु Jagadguru Rambhadracharya पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि “मुझसे गलती हुई। रामभद्राचार्य पर 420 का मुकदमा था, जिसे हमने वापस लिया था। मुझे उन्हें जेल भेज देना चाहिए था।
420 का मुकदमा वापस लेने पर जताया अफसोस
अखिलेश यादव ने कहा कि उनके कार्यकाल में रामभद्राचार्य पर दर्ज 420 धोखाधड़ी का मुकदमा वापस लिया गया था। उन्होंने इसे अपनी राजनीतिक गलती बताया और कहा कि अब उन्हें लगता है कि मुकदमा वापस नहीं लिया जाना चाहिए था।
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के समर्थन में बोले
सपा प्रमुख ने Swami Avimukteshwaranand Saraswati के समर्थन में भी बयान दिया। उन्होंने कहा कि प्रयागराज में शंकराचार्य कई दिनों तक धरने पर बैठे रहे, उस समय कड़ाके की ठंड थी। अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि “हमारी सनातन परंपरा में किसी संत को स्नान से रोके जाने की कल्पना नहीं की जा सकती। यह पहली बार हुआ है। उन्होंने यह भी कहा कि अब सरकार उन्हें अपमानित करने के लिए पुरानी घटनाएं सामने ला रही है। उपमुख्यमंत्री Brajesh Pathak द्वारा बटुकों को सम्मानित किए जाने के मुद्दे पर भी अखिलेश यादव ने सवाल उठाए। उन्होंने कहा, “जब शिखा पकड़कर अपमानित किया जा रहा था, तब भाजपा के लोग कहां थे।
PDA आंदोलन का जिक्र
अखिलेश यादव ने कहा कि जैसे-जैसे जनता में असंतोष बढ़ रहा है, वैसे-वैसे PDA (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) आंदोलन भी मजबूत हो रहा है। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी दलित, पीड़ित और शोषित वर्गों के साथ खड़ी है। अखिलेश यादव के इस बयान के बाद प्रदेश की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। उनके बयान पर भाजपा की ओर से प्रतिक्रिया आने की संभावना है।





