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Saturday, March 21, 2026
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Chhath Puja Mantra: संध्या अर्घ्य देते समय सूर्य देव के इन मंत्रों का जरूर करें पाठ, पूरी होगी हर कामना

आज देश भर में छठ का तीसरा पर्व मनाया जा रहा है आज के दिन संध्या अर्घ्य देते हुए सूर्य देव की पूजा अर्चना की जाती है।

नई दिल्ली रफ्तार डेस्क। आज छठ का तीसरा दिन मनाया जा रहा है ऐसे में आज के दिन संध्या अर्घ्य दी जाती है। संध्या अर्घ्य देते समय सूर्य देव की भी पूजा अर्चना की जाती है। छठ महापर्व सूर्य देव को समर्पित होता है और इसे सूर्य षष्ठी के नाम से भी जाना जाता है।छठ पूजा के दिन कुछ खास मंत्रों का जाप करने से सूर्य देव प्रसन्न होते हैं और पूजा का पूर्ण फल मिलता है। तो चलिए जानते हैं आप संध्या अर्घ्य देते समय कौन कौन से चमत्कारी मंत्रों का जाप कर सकते हैं।

सूर्य मंत्र

वैदिक ज्योतिष में सूर्य को ऊर्जा और शक्ति का स्रोत माना गया है। सूर्य देव का आशीर्वाद पाने के लिए सूर्य मंत्र का नियमित जाप सबसे प्रभावी उपाय है। इससे मानसिक और शारीरिक बल प्राप्त होता है।

नमः सूर्याय शान्ताय सर्वरोग निवारिणे

आयुर्य मैस्वैर्यं देहि देवः जगत्पते।।

नमः सूर्याय शान्ताय सर्वरोग निवारिणे,

आयुरोग्य मैस्वैर्यं देहि देवः जगत्पते

सूर्य गायत्री मंत्र

वैदिक ज्योतिष में सूर्य गायत्री मंत्र को अत्यंत शक्तिशाली और कल्याणकारी मंत्र माना गया है। यह मंत्र जन्म कुंडली में सूर्य से संबंधित दोषों और उसके प्रतिकूल प्रभावों को दूर करता है। छठ के दौरान सूर्य गायत्री मंत्र का नियमित जाप करने से शरीर मजबूत होता है और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।

ॐ भास्कराय विद्महे महादुत्याधिकराय धीमहि तन्मो आदित्य प्रचोदयात्।।

ॐ भास्कराय विद्महे महादुत्याथिकराय धीमहि तनः सूर्य प्रचोदयात्

सूर्य बीज मंत्र

वैदिक परंपरा में सूर्य बीज मंत्र को अत्यंत प्रभावशाली और दिव्य माना गया है। यह मंत्र साधक को सूर्य देव की ऊर्जा से सीधे जोड़ने में सहायक होता है।

ॐ ह्रां ह्रीं ह्रौं सः सूर्याय नमः।।

ॐ ह्रां ह्रीं ह्रौं सः सूर्याय नमः

आदित्य हृदय स्तोत्र

सूर्य देव के इस स्तोत्र का नियमित पाठ बेहद फलदायी माना जाता है। मान्यता है कि इसके पाठ से आपका शरीर सूर्य की ऊर्जा से जुड़ जाता है। इसके प्रभाव से व्यक्ति में सकारात्मकता बढ़ती है।

आदित्यहृदयं पुण्यं सर्वशत्रुविनाशनम्

जयवाहं जपं नित्यमक्षयं परमं शिवम्।।

आदित्य हृदयाय पुण्यं सर्व शत्रु विनाशनम्

जयवाहं जपेनिथ्यं अक्षयं परमं शिवम्

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डिसक्लेमर

 

इस लेख में प्रस्तुत किया गया अंश किसी भी जानकारी/सामग्री/गणना की पूरी सटीकता या विश्वसनीयता की पुष्टि नहीं करता। यह जानकारियां विभिन्न स्रोतों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/प्रामाणिकताओं/धार्मिक प्रतिष्ठानों/धर्मग्रंथों से संग्रहित की गई हैं। हमारा मुख्य उद्देश्य सिर्फ सूचना प्रस्तुत करना है,और उपयोगकर्ता को इसे सूचना के रूप में ही समझना चाहिए। इसके अतिरिक्त, इसका कोई भी उपयोग करने की जिम्मेदारी सिर्फ उपयोगक की

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