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Saturday, April 11, 2026
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पांच दिन के राष्ट्रीय नाट्य महोत्सव में होगा छह नाटकों का मंचन, दिखेंगे दशरथ मांझी भी

बेगूसराय, 28 फरवरी (हि.स.)। देशभर में रंग कर्मियों के बीच बिहार की सांस्कृतिक राजधानी के रूप में चर्चित बेगूसराय में एक बार फिर देश के बड़े-बड़े निर्देशक और नाट्य विधा के कलाकारों का जमावड़ा होने जा रहा है। कलाकारों का यह जमावड़ा 14 से 18 मार्च तक होने वाले राष्ट्रीय नाट्य महोत्सव के अवसर पर होगा। जिला मुख्यालय के दिनकर कला भवन में होने वाला यह आठवां आशीर्वाद राष्ट्रीय नाट्य महोत्सव पद्मश्री बंसी कौल को समर्पित किया गया है। पांच दिन के इस महोत्सव में देश के विभिन्न राज्यों के निर्देशक के नेतृत्व में आई टीम छह नाटकों का मंचन करेगी, जिसकी जोरदार तैयारी की जा रही है। फेस्टिवल डायरेक्टर अमित रौशन ने बताया कि इस राष्ट्रीय नाट्य महोत्सव के उद्घाटन में राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय दिल्ली के कार्यकारी निदेशक सुरेश शर्मा, संगीत नाट्य अकादमी के उपसचिव सुमन कुमार, केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह, राज्यसभा सदस्य प्रो. राकेश सिन्हा, डीएम अरविन्द कुमार वर्मा समेत अन्य अधिकारी, जनप्रतिनिधि और देश के विभिन्न हिस्सों से रंग निदेशक और वरिष्ठ रंगकर्मी उपस्थित रहेंगे। 14 मार्च को उद्घाटन की रात टोयो थिएटर बंगलोर द्वारा सर्वजीत दास के निर्देशन में विजय तेंदुलकर रचित ‘बाइंडर’ का मंचन किया जाएगा। 15 मार्च की रात मासूम आर्ट ग्रुप डाल्टनगंज झारखंड द्वारा सैकत चट्टोपाध्याय लिखित और उन्हीं के निर्देशन में ‘आप किस चीज के डायरेक्टर हैं’ का मंचन होगा। 16 मार्च की रात चंडीगढ़ के थिएटर फॉर थिएटर ग्रुप द्वारा स्वदेश दीपक लिखित ‘कोर्ट मार्शल’ का मंचन सुदेश शर्मा के निर्देशन में किया जाएगा। 17 मार्च की रात दो नाटकों का मंचन होगा, पहले फ्रांज काफका लिखित तथा उदयन वाजपेयी एवं संगीता गुंडेचा रूपांतरित ‘मकबरे का रखवाला’ का मंचन आशीर्वाद रंगमंडल बेगूसराय द्वारा अमित रौशन के निर्देशन में किया जाएगा। उसके बाद एमएल रामानंद थियेटर फाउंडेशन शाहजहांपुर यूपी द्वारा आरपीडी शांति के निर्देशन में ‘द लास्ट नाइट’ का मंचन होगा। महोत्सव के समापन की रात 18 मार्च को प्रयास पटना द्वारा मिथिलेश सिंह लिखित ‘दशरथ मांझी’ का मंचन मिथिलेश सिंह के ही निर्देशक में किया जाएगा। अमित रौशन ने बताया कि आशीर्वाद राष्ट्रीय नाट्य महोत्सव की शुरुआत 2010 से हुई। राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर और राम शरण शर्मा की जन्मभूमि बेगूसराय सांस्कृतिक रूप से काफी संपन्न है तथा यहां के कला को देखते हुए ही बिहार की सांस्कृतिक राजधानी का दर्जा प्राप्त है। इसी कड़ी में एक बार फिर राष्ट्रीय नाट्य महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। उद्घाटन सत्र की भव्यता और प्रासंगिता के लिए देश के विभिन्न हिस्सों से मशहूर रंग कला साधकों को जुटाने में पूरी टीम लगी हुई है। हिन्दुस्थान समाचार/सुरेन्द्र

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