नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। दिल्ली में अगले 6 दिनों के लिए धारा 163 लागू कर दी गई है। त्योहारों के मौसम के मद्देनजर यहां पर महौल बिगाड़ा जा सकता है। इस कारण से यह प्रतिबंध लगाया गया है। पहले इस धारा को 144 कहा जाता था। इस दौरान कुछ सामान्य नहीं रहने वाला है।
क्यों लगाई गई धारा 163?
त्योहारों को देखते हुए बाजारों में भीड़ रहेगी। जम्मू-कश्मीर और हरियाणा में चुनाव भी हो रहे हैं। इसके साथ ही वक्फ अमेंडमेंट बिल और शाही ईदगाह मामला देखते हुए शांति बनाए रखने के लिए यह निर्णय लिया गया है। 2 अक्टूबर पर गांधी जयंती के कारण राजधानी में VIP मूवमेंट होगा। पुलिस को कुछ खुफिया रिपोर्ट भी मिली है जिसमें किसी अप्रिय घटना को अंजाम देने की बात सामने आई है। यह प्रतिबंध 5 अक्टूबर तक रहेगा।
लोगों के एकत्रित होने पर रोक
इस दौरान लोगों के पांच से अधिक लोगों के एकत्रित होने पर रोक रहेगी। हथियार और डंडों को साथ रखने पर भी रोक है। धारा 163 लागू करने के आदेश दिल्ली के पुलिस कमिश्नर ने दिया है। ऐसी चीजों के भी रखने पर रोक होगी जिससे हमला करके दूसरे को घायल कर दिया जाए।
क्या है भारतीय न्याय संहिता
भारतीय न्याय संहिता (BNS) भारत की आधिकारिक आपराधिक संहिता है। यह दिसंबर 2023 में संसद द्वारा पारित की गई और 1 जुलाई 2024 से लागू की गई है। बीएनएस ने ब्रिटिश काल से चली आ रही भारतीय दंड संहिता (IPC) की जगह ले ली है। बीएनएस में आईपीसी के ज़्यादातर अपराधों को बरकरार रखा गया है, साथ ही कुछ नए अपराध भी शामिल किए गए हैं।
बीएनएस में कुछ और बदलाव भी किए गए हैं, जैसे कि बीएनएस में सामुदायिक सेवा भी सज़ा के रूप में शामिल की गई है। राजद्रोह अब अपराध नहीं माना जाएगा, बल्कि भारत की संप्रभुता, एकता, और अखंडता को खतरे में डालने वाले कृत्यों के लिए नया अपराध दंड बनाया गया है। आतंकवाद को अपराध की श्रेणी में शामिल किया गया है। संगठित अपराध को अपराध की श्रेणी में शामिल किया गया है। जाति, भाषा, या व्यक्तिगत विश्वास जैसे कुछ पहचान चिह्नों के आधार पर पांच या ज़्यादा व्यक्तियों के समूह द्वारा हत्या करना अपराध होगा और भी कई ऐसे बदलाव है जो अपराधियों को कठोरतम सजा सुनिश्चित करते हैं।





