नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। देश की राजधानी दिल्ली में कानून-व्यवस्था को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। आम आदमी पार्टी ने राजधानी में बढ़ते अपराध के मुद्दे पर भारतीय जनता पार्टी और दिल्ली पुलिस को कठघरे में खड़ा किया है। पार्टी का आरोप है कि दिल्ली में अपराधियों के हौसले बुलंद हैं और आम नागरिक खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं।
अपराधियों में कानून का डर कम हुआ है।
बुधवार को पार्टी मुख्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में AAP विधायक कुलदीप कुमार ने दावा किया कि नए साल से अब तक राजधानी में कई हत्या की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। उन्होंने नंदनगरी इलाके की एक हालिया घटना का जिक्र करते हुए कहा कि अपने नाबालिग बेटे को बचाने गए एक पिता की गोली मारकर हत्या कर दी गई। उनके अनुसार, यह घटना इस बात का संकेत है कि अपराधियों में कानून का डर कम हुआ है।
राजधानी में लोग डर के माहौल में जीने को मजबूर हैं।
AAP नेता ने यह भी आरोप लगाया कि एक ही दिन में कई हत्या की घटनाएं सामने आईं और फिरौती, गोलीबारी तथा सड़क पर होने वाले हमलों की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। उन्होंने त्रिलोकपुरी की एक घटना का हवाला देते हुए कहा कि बीच-बचाव करने आए एक व्यक्ति पर भी गोली चलाई गई। पार्टी का कहना है कि राजधानी में लोग डर के माहौल में जीने को मजबूर हैं।
कानून-व्यवस्था की जिम्मेदारी केंद्र और बीजेपी पर
AAP ने दिल्ली पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि विपक्षी विधायकों को पुलिस कमिश्नर से मिलने का समय तक नहीं दिया जा रहा। पार्टी का तर्क है कि चूंकि दिल्ली पुलिस केंद्र सरकार के अधीन आती है, इसलिए कानून-व्यवस्था की जिम्मेदारी सीधे तौर पर केंद्र और बीजेपी पर बनती है।
संगठित अपराध के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।
हालांकि, इन आरोपों पर बीजेपी की ओर से विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। दिल्ली पुलिस का सामान्य रुख यह रहा है कि अपराध नियंत्रण के लिए लगातार अभियान चलाए जा रहे हैं, संवेदनशील इलाकों में गश्त बढ़ाई गई है और संगठित अपराध के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।
आम नागरिकों की प्राथमिक चिंता
राजधानी में बढ़ते अपराध को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भले तेज हो गई हो, लेकिन आम नागरिकों की प्राथमिक चिंता सुरक्षा और भरोसे की बहाली है। आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि आरोप-प्रत्यारोप से आगे बढ़कर कानून-व्यवस्था को मजबूत करने के लिए ठोस कदम क्या उठाए जाते हैं।





