नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। लोकसभा के बजट सत्र में विपक्ष के हंगामे और विवादित AI वीडियो के बाद संसद की प्रिविलेज कमेटी ने कांग्रेस के 8 नेताओं को नोटिस जारी किया है। यह कार्रवाई लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के निर्देश पर की गई है। कमेटी ने इन नेताओं से 7 दिनों के भीतर लिखित जवाब मांगा है कि उन्होंने स्पीकर और सदन की गरिमा के खिलाफ कौन-कौन से बयान दिए और सोशल मीडिया पर क्यों पोस्ट किए।
सदन की प्रिविलेज का उल्लंघन है।
नोटिस पाने वालों में कांग्रेस के प्रमुख प्रवक्ता और मीडिया सेल के सदस्य शामिल हैं। इनमें पवन खेड़ा, जयराम रमेश, सुप्रिया श्रीनेत, अभिषेक मनु सिंघवी, रजनी पाटिल, रंजीत रंजन, मनीष तिवारी और गौरव गोगोई शामिल हैं। कमेटी का आरोप है कि इन नेताओं ने लगातार स्पीकर के खिलाफ अपमानजनक और भ्रामक बयान दिए, जो सदन की प्रिविलेज का उल्लंघन है।
AI वीडियो और अपमानजनक तस्वीरों का इस्तेमाल किया।
शिकायतकर्ता विष्णु दत्त शर्मा ने बताया कि कांग्रेस के मीडिया विभाग ने जानबूझकर AI वीडियो और अपमानजनक तस्वीरों का इस्तेमाल किया। यह कार्रवाई सीधे संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति के सम्मान से जुड़ी है और इसे सदन की अवमानना माना गया।
कांग्रेस ने इस नोटिस को बदले की कार्रवाई करार दिया
कांग्रेस ने इस नोटिस को राजनीतिक बदले की कार्रवाई करार दिया है। पार्टी प्रवक्ता ने कहा कि सत्ता पक्ष विपक्ष की आवाज दबाना चाहता है। पवन खेड़ा ने सोशल मीडिया पर लिखा, प्रिविलेज का इस्तेमाल अब सत्ता के खिलाफ बोलने वालों को दबाने के लिए किया जा रहा है। हम जवाब देंगे।
कमेटी सिफारिश कर सकती है
यदि ये नेता 7 दिनों के भीतर संतोषजनक जवाब नहीं देते, तो कमेटी सिफारिश कर सकती है कि उन्हें सजा दी जाए, जिसमें सदन से निलंबन, जुर्माना या अन्य कार्रवाई शामिल हो सकती है।
सदन में राजनीतिक हलचल
यह पहली बार नहीं है जब प्रिविलेज कमेटी ने कांग्रेस नेताओं को नोटिस जारी किया है। पिछले साल भी कुछ नेताओं को इसी तरह के मामलों में नोटिस मिल चुके हैं। इस मामले से आगामी दिनों में सदन में राजनीतिक हलचल और हंगामा बढ़ने की संभावना है।





