नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। मध्य प्रदेश की मोहन यादव सरकार ने विधानसभा में 4,38,317 करोड़ का बजट पेश किया। वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने इसे “समृद्ध मध्य प्रदेश 2047” के विज़न के तहत तैयार बताया। बजट का मुख्य फोकस महिलाओं, युवाओं, किसानों और बुनियादी ढांचे पर है।
मुख्य आकर्षण रही लाड़ली बहना योजना
मुख्य आकर्षण रही लाड़ली बहना योजना, जिसके लिए 23,882 करोड़ आवंटित किए गए हैं। इससे लगभग 1.25 करोड़ महिलाएँ प्रतिमाह 1,500 की आर्थिक सहायता प्राप्त करेंगी। महिला एवं बाल विकास विभाग के लिए कुल 32,730 रुपएं करोड़ रखे गए हैं। कुल महिला कल्याण योजनाओं के लिए राज्य ने 1,27,555 करोड़ का प्रावधान किया है।
शिक्षा और पोषण पर भी ध्यान दिया गया है। ‘यशोदा दुग्ध प्रदाय योजना’ के तहत कक्षा 8 तक के बच्चों को टेट्रा पैक दूध मुफ्त में मिलेगा। स्कूल शिक्षा के लिए 36,730 करोड़ और उच्च शिक्षा के लिए 4,247 करोड़ रखे गए हैं। इसके अलावा 15,000 नए शिक्षक भर्ती करने की योजना है।
पुनर्वास के लिए 175 करोड़ का प्रावधान
किसान कल्याण और ग्रामीण विकास के लिए 31,758 करोड़ का आवंटन किया गया है। ग्रामीण रोजगार योजनाओं और कृषि विकास पर विशेष ध्यान है। जर्जर पुलों और पुलियाओं की मरम्मत के लिए 900 करोड़, और भोपाल गैस त्रासदी राहत एवं पुनर्वास के लिए 175 करोड़ का प्रावधान किया गया।
वन्यजीव संरक्षण के लिए 31 करोड़ का प्रावधान
सिंहस्थ महापर्व 2028 के लिए 3,060 करोड़ और खेल एवं युवा कल्याण विभाग के लिए 715 करोड़ रखे गए हैं। सुशासन और प्रशासनिक सुदृढ़ता के लिए गृह विभाग ₹13,411 करोड़, राजस्व विभाग 13,876 करोड़ और विधि एवं विधायी कार्य विभाग 3,829 करोड़ आवंटित किए गए। पर्यावरण और वन्यजीव संरक्षण के लिए 31 करोड़ का प्रावधान किया गया।
2047 कर सशक्त मध्य प्रदेश बनाना लक्ष्य
बजट ‘GYANII’ मॉडल (गरीब, युवा, अन्नदाता, नारी शक्ति, इंफ्रास्ट्रक्चर, इंडस्ट्री) पर आधारित है। सरकार ने कोई नया टैक्स नहीं बढ़ाया और सभी योजनाओं में पर्याप्त निवेश करने की बात कही। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि यह बजट सभी वर्गों के हित में है, किसी योजना को बंद नहीं किया गया, बल्कि उन्हें और प्रभावी बनाया गया है। इसका लक्ष्य एक समृद्ध, विकसित और सशक्त मध्य प्रदेश 2047 तक बनाना है।





