नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। राज्यसभा सांसद संजय राउत ने INDIA अलायंस की वर्तमान स्थिति पर खुलकर टिप्पणी की है और कहा कि यह गठबंधन केवल लोकसभा चुनाव के समय ही सक्रिय होता है। उनके अनुसार, चुनाव से पहले दलों के बीच कोई ठोस संवाद नहीं होता और आम दिनों में अलायंस निष्क्रिय रहता है। उन्होंने कहा कि संसद में हंगामा करने या केवल बोलने से विपक्ष का काम नहीं बन सकता, क्योंकि अक्सर विपक्षी नेताओं को संसद में बोलने तक नहीं दिया जाता। ऐसे में जरूरी है कि गठबंधन हमेशा सक्रिय और सतर्क रहे, न कि केवल चुनाव के समय ही जागे।
सामाजिक-आर्थिक मुद्दों पर लगातार काम करना चाहिए
राउत ने स्पष्ट किया कि विपक्षी दलों को मिलकर किसान आंदोलन, कानून व्यवस्था, मणिपुर की हालात और अन्य सामाजिक-आर्थिक मुद्दों पर लगातार काम करना चाहिए और सरकार पर दबाव बनाना चाहिए। उनका कहना है कि महीनों या सालों तक दल आपस में संवाद न करें और केवल चुनाव के समय सक्रिय हों, यह रणनीति सही नहीं है। उन्होंने जोर देकर कहा कि INDIA अलायंस को लगातार सक्रिय और समन्वित रहना चाहिए ताकि देश के सामने मौजूद समस्याओं का समाधान समय पर किया जा सके।
हर दल की अपनी राय हो सकती है। -संजय राउत
नेतृत्व बदलने के सवाल पर संजय राउत ने कहा कि हर दल की अपनी राय हो सकती है। यदि कोई कहता है कि ममता बनर्जी नेतृत्व करें या एमके स्टालिन, तो यह केवल उनकी व्यक्तिगत राय है। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी निर्णायक कदम से पहले गठबंधन की बैठक बुलाना और साझा निर्णय लेना जरूरी है। इसी प्रक्रिया के माध्यम से यह तय किया जा सकता है कि नेतृत्व किसे दिया जाए।
अलायंस को सतर्क और सक्रिय रहना होगा
राउत ने यह भी कहा कि वर्तमान समय में विपक्ष को केवल संसद तक सीमित रहकर ही काम नहीं करना चाहिए। उन्होंने अमेरिका के साथ कुछ डील्स और उनकी संभावित नकारात्मक प्रभावों का जिक्र करते हुए कहा कि यदि इन मुद्दों को केवल संसद में उठाया जाएगा तो काम नहीं बनेगा। किसानों, गरीबों और आम जनता की भलाई के लिए अलायंस को सतर्क और सक्रिय रहना होगा।
‘समस्याओं का समय पर समाधान किया जा सके’
संजय राउत का यह बयान ऐसे समय में आया है जब इस साल चार राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश में चुनाव होने हैं, जिनमें पश्चिम बंगाल और असम जैसे महत्वपूर्ण राज्य शामिल हैं। उन्होंने यह भी कहा कि सिर्फ लोकसभा चुनाव से पहले जागने वाला गठबंधन देश और जनता के हित में पर्याप्त नहीं है। INDIA अलायंस को हमेशा तैयार, सक्रिय और सशक्त रहना चाहिए ताकि देश के सामने मौजूद गंभीर समस्याओं का समय पर समाधान किया जा सके।
‘सक्रियता और प्रभावी नेतृत्व की जरूरत है’
राउत की बातों से यह स्पष्ट होता है कि गठबंधन की संगठित रणनीति, लगातार संवाद और समन्वित प्रयास ही विपक्ष की सफलता की कुंजी हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि केवल चुनाव के समय ही सक्रिय होना या केवल पारंपरिक हंगामा करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि सक्रियता और प्रभावी नेतृत्व की जरूरत है।





