नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। Prashant Kishor ने बिहार विधानसभा चुनाव 2025 से पहले पूर्ण बहुमत के साथ सरकार बनाने का दावा किया था, लेकिन नतीजों में उनकी पार्टी को एक भी सीट नहीं मिली। अब वे हार का मंथन कर रहे हैं और अलग-अलग जिलों में जाकर कार्यकर्ताओं से मुलाकात कर रहे हैं। इसी बीच उनका एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें वे कहते नजर आ रहे हैं कि जितने लोगों ने उनके साथ तस्वीर खिंचवाई, उतना भी वोट नहीं मिला। यह बयान चुनावी दावों और जमीनी हकीकत के बीच के फर्क को उजागर करता दिख रहा है।
वायरल वीडियो में प्रशांत किशोर का आत्ममंथन
Prashant Kishor का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, हालांकि यह साफ नहीं हो पाया है कि वीडियो कहां का है। वीडियो में वे कार्यकर्ताओं से बातचीत करते नजर आ रहे हैं और चुनावी नतीजों पर खुलकर बात कर रहे हैं।
वीडियो में वे कहते हैं, “किसके पास प्रमाण है कि कौन ईमानदारी से काम कर रहा है? जितने लोग हमारे साथ फोटो खींचते हैं उतना वोट हमको नहीं मिला और सब आदमी यही कह रहा है कि भैया हम ही किए हैं, दूसरा नहीं किया। उन बातों का कोई मतलब नहीं है।” उनका यह बयान इस बात की ओर इशारा करता है कि जमीनी समर्थन और वास्तविक वोट में बड़ा अंतर रहा।
बेगूसराय में प्रशांत किशोर का NDA पर हमला
Prashant Kishor मंगलवार को बेगूसराय पहुंचे, जहां उन्होंने बिहार में शराबबंदी और बढ़ते अपराध के मुद्दे पर एनडीए सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि अगर शराबबंदी से महिलाओं का सशक्तिकरण हो रहा है, तो इसे पूरे देश में लागू किया जाना चाहिए। साथ ही उन्होंने जनता को भी निशाने पर लेते हुए कहा कि ऐसी सरकार चुनने के बाद अब हालात पर सवाल उठाना बेकार है।
मीडिया से बातचीत में प्रशांत किशोर ने दावा किया कि जन सुराज ने तीन साल की रणनीति के तहत काम किया और करीब 18 लाख वोट पाकर जनता ने उन्हें सेवा के लिए चुना है, बिहार छोड़ने के लिए नहीं। उन्होंने कहा कि वे जनता के आदेश का पालन कर रहे हैं और आगे भी संघर्ष जारी रहेगा।
“जो बोओगे वही काटोगे”: प्रशांत किशोर का तीखा संदेश
Prashant Kishor ने कहा कि पिछले तीन सालों से जन सुराज एक ही बात समझा रहा है-“जो बोओगे वही काटोगे।” उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अगर जनता एनडीए को चुनेगी, तो सरकार एनडीए के एजेंडे पर ही चलेगी। उनका कहना था कि एनडीए का एजेंडा क्या है, यह पूरे देश के सामने साफ है। इस बयान के जरिए उन्होंने चुनावी फैसलों की जिम्मेदारी सीधे जनता के चयन से जोड़ते हुए राजनीतिक संदेश देने की कोशिश की।
नीट छात्रा की मौत पर प्रशांत किशोर का सवाल
प्रशांत किशोर ने नीट छात्रा की मौत के मामले में पुलिस की शुरुआती कार्रवाई पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पुलिस ने सबसे पहले इसे आत्महत्या करार दे दिया और हत्या मानने से इनकार कर दिया। उनके मुताबिक, जब वे पीड़िता के परिजनों से मिले और मामला उठाया, तब जाकर सरकार की नींद खुली। इसके बाद SIT का गठन किया गया और दो पुलिस पदाधिकारियों को सस्पेंड किया गया।





