नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। 16 फरवरी 1958 को जन्मी शोमा आनंद हिंदी सिनेमा और टेलीविजन की जानी-मानी अभिनेत्री रही हैं।हिंदी सिनेमा में अपनी अलग पहचान सहायक भूमिकाओं के जरिए बनाई। उन्होंने अपने फिल्मी सफर की शुरुआत 1976 में आई फिल्म बारूद से ऋषि कपूर के साथ डेब्यू किया।पहली ही फिल्म में उनकी मासूमियत और सहज अदाकारी ने दर्शकों का ध्यान खींचा। हालांकि वे मुख्य नायिका के तौर पर ज्यादा फिल्मों में नजर नहीं आईं, लेकिन 80 और 90 के दशक में उन्होंने कई यादगार सहायक किरदार निभाए।
सहायक भूमिकाओं से अपनी जगह बनाई।
शोमा आनंद ने कुली, जिगर जैसी फिल्मों में काम किया। इन फिल्मों में भले ही उनका रोल सीमित रहा, लेकिन स्क्रीन पर उनकी मौजूदगी प्रभाव छोड़ने वाली रही। उस दौर में जब इंडस्ट्री में हीरोइनों के लिए प्रतिस्पर्धा काफी ज्यादा थी, शोमा ने सशक्त सहायक भूमिकाओं से अपनी जगह बनाई।
शोमा ने निजी जीवन को प्राथमिकता दी।
करियर के उभार के समय उन्होंने फिल्म निर्माता-निर्देशक तारिक शाह से शादी कर ली। शादी के बाद उनकी प्राथमिकताएं बदल गईं और वे धीरे-धीरे बड़े पर्दे से दूर हो गईं। पारिवारिक जिम्मेदारियों के चलते उनका फिल्मी करियर रुक सा गया। शोमा और तारिक शाह की एक बेटी सारा शाह हैं। साल 2021 में तारिक शाह का निधन हो गया, जिसके बाद शोमा ने निजी जीवन को प्राथमिकता दी।
अभिनय से उनका रिश्ता कभी टूटा नहीं।
हालांकि अभिनय से उनका रिश्ता कभी टूटा नहीं। कुछ सालों के ब्रेक के बाद उन्होंने छोटे पर्दे की ओर रुख किया और यहीं से उनकी दूसरी पारी की शुरुआत हुई। 1995 में शुरू हुए लोकप्रिय टीवी शो हम पाँच ने उन्हें घर-घर में मशहूर कर दिया। इस कॉमेडी सीरियल में उनका किरदार दर्शकों को बेहद पसंद आया। उनकी कॉमिक टाइमिंग और सहज अभिनय ने साबित कर दिया कि वे सिर्फ फिल्मों तक सीमित कलाकार नहीं हैं।
नई पीढ़ी के दर्शकों के बीच दोबारा लोकप्रिय बना दिया।
टीवी की सफलता के बाद शोमा आनंद ने फिल्मों में भी वापसी की। 2003 में आई प्रियदर्शन निर्देशित फिल्म हंगामा में उन्होंने परेश रावल की पत्नी ‘अंजलि’ का किरदार निभाया, जो आज भी उनके करियर के सबसे यादगार रोल्स में आती है। इस फिल्म ने उन्हें नई पीढ़ी के दर्शकों के बीच दोबारा लोकप्रिय बना दिया। इसके अलावा वे कल हो ना हो और क्या कूल हैं हम जैसी फिल्मों में भी नजर आईं, जहां उन्होंने कॉमिक और न्यून रोल्स से अपनी पहचान दर्ज कराई।।
अपने अंदाज से दर्शकों का दिल फिर जीत लिया।
शोमा आनंद का करियर इस बात का उदाहरण है कि सफलता सिर्फ लीड रोल से नहीं मिलती, बल्कि मजबूत अभिनय और सही मौके से मिलती है। उन्होंने इंडस्ट्री में उतार-चढ़ाव देखे, शादी के बाद लंबा ब्रेक लिया, लेकिन जब वापसी की तो अपने अंदाज से दर्शकों का दिल फिर जीत लिया। आज भले ही वे लाइमलाइट से दूर हैं और परिवार के साथ समय बिता रही हैं, लेकिन ‘हंगामा’ की अंजलि और ‘हम पांच’ की यादगार भूमिकाओं के जरिए वे दर्शकों के दिलों में अब भी बसी हुई हैं।





