नई दिल्ली / रफ्तार डेस्क । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार को अयोध्या पहुंचेंगे, जहां वे श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के शिखर पर भगवा ध्वज फहराकर एक ऐतिहासिक पल को साकार करेंगे। यह ध्वजारोहण मंदिर के पूर्ण निर्माण का प्रतीक माना जा रहा है और इसे अयोध्या की सांस्कृतिक पहचान तथा राष्ट्रीय एकता के नए अध्याय की शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है। पहली बार किसी प्रधानमंत्री द्वारा रामलला के मंदिर के शिखर पर ध्वज फहराया जाएगा, जिसे धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से बेहद शुभ माना जा रहा है। सरकारी जानकारी के अनुसार पीएम मोदी सुबह करीब 10 बजे सप्तमंदिर पहुंचेंगे।
ध्वजारोहण से पहले पीएम मोदी करेंगे कई मंदिरों में पूजा, जानें पूरा दर्शन क्रम
पूजा और दर्शन के लिए विशेष व्यवस्था महर्षि वशिष्ठ, विश्वामित्र, अगस्त्य, वाल्मीकि, देवी अहिल्या, निषादराज गुहा और माता शबरी से जुड़े मंदिरों में की गई है। इन स्थलों पर दर्शन के बाद प्रधानमंत्री पहले शेषावतार मंदिर पहुंचेंगे और फिर लगभग 11 बजे माता अन्नपूर्णा मंदिर में पूजा-अर्चना करेंगे। इसके बाद वे राम दरबार के गर्भगृह में प्रवेश कर पूजा करेंगे और तत्पश्चात रामलला के गर्भगृह में दर्शन करेंगे।
दोपहर 12 बजे प्रधानमंत्री श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के शिखर पर भगवा ध्वज चढ़ाएंगे। यह कार्यक्रम मार्गशीर्ष शुक्ल पक्ष की पंचमी पर रखा गया है, जो राम–सीता विवाह पंचमी के शुभ अभिजीत मुहूर्त से जुड़ी मानी जाती है। इसी तिथि का संबंध नौवें सिख गुरु, गुरु तेग बहादुर जी की शहादत से भी माना जाता है, जिनके बारे में कहा जाता है कि उन्होंने 17वीं सदी में अयोध्या में 48 घंटे ध्यान किया था।
राम मंदिर शिखर पर फहराया जाने वाला विशेष ध्वज की संरचना और महत्व
मंदिर के शिखर पर फहराया जाने वाला यह झंडा समकोण त्रिभुजाकार है, जिसकी ऊँचाई 10 फुट और लंबाई 20 फुट है। झंडे पर चमकता सूर्य चित्र भगवान राम की शक्ति, वीरता और सत्य का प्रतीक है। इसके अलावा ‘ॐ’ और कोविदार वृक्ष के प्रतीक भी इसमें उकेरे गए हैं, जो समृद्धि और आध्यात्मिक ऊर्जा का संकेत देते हैं। यह ध्वज उत्तर भारतीय नागर शैली की वास्तुकला वाले मंदिर के शीर्ष पर लगाया जाएगा, जबकि मंदिर के चारों ओर 800 मीटर लंबा परकोटा दक्षिण भारतीय शैली में निर्मित किया गया है। इस अवसर पर प्रधानमंत्री लोगों को संबोधित भी करेंगे।
प्रधानमंत्री की यात्रा के दौरान राम मंदिर परिसर में आम प्रवेश आज बंद
प्रधानमंत्री की यात्रा और सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए 25 नवंबर को दोपहर 2:30 बजे तक मंदिर परिसर में आम जनता का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा। इस दौरान केवल उन अतिथियों को प्रवेश की अनुमति होगी जिनके पास QR-कोड आधारित पास होंगे। सुबह 6 बजे से 2:30 बजे तक राम पथ पर कोई भी आवागमन नहीं होगा, यहां तक कि पैदल चलना भी अनुमति नहीं होगी। दोपहर के बाद पैदल आवागमन सीमित रूप से खोला जाएगा, लेकिन पूरे दिन वाहन प्रवेश पर पूरी तरह रोक रहेगी।
अयोध्या एयरपोर्ट पर पीएम यात्रा के लिए वीवीआईपी प्रबंधन
अयोध्या एयरपोर्ट पर बड़ी संख्या में गणमान्य व्यक्तियों के आगमन को ध्यान में रखते हुए विशेष प्रबंध किए गए हैं। चार्टर्ड विमानों के लिए 40 से 80 स्लॉट उपलब्ध कराए गए हैं, और यात्रियों को उतारने के बाद विमान आसपास के अन्य हवाईअड्डों पर भेज दिए जाएंगे। सुरक्षा के लिए एयरपोर्ट पर लगभग 100 अतिरिक्त CISF जवान तैनात रहेंगे। प्रधानमंत्री के लिए एक विशेष लाउंज बनाया गया है, जबकि मुख्यमंत्री, राज्यपाल और अन्य वीआईपी अतिथियों के लिए छह अतिरिक्त लाउंज की व्यवस्था की गई है।
अयोध्या में सुरक्षा के तहत ट्रैफिक डायवर्जन लागू, कई मुख्य मार्ग बंद
अयोध्या को इस आयोजन के लिए कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के तहत रखा गया है। सोमवार शाम 6 बजे से पूरे शहर में व्यापक ट्रैफिक डायवर्जन लागू किया गया है, जो मंगलवार को भीड़ कम होने तक जारी रहेगा। सरयू पुल, साकेत पेट्रोल पंप बैरियर, हनुमानगुफा चौराहा, लता मंगेशकर चौक, हनुमानगढ़ी, बड़ी छावनी, रायगंज और टेढ़ी बाजार जैसे प्रमुख मार्ग पूरी तरह बंद रहेंगे। बाहरी जिलों से आने वाले वाहनों के लिए वैकल्पिक रूट तैयार किए गए हैं, जिन्हें सुलतानपुर, रायबरेली, लखनऊ, अंबेडकरनगर समेत अन्य दिशाओं से डायवर्ट किया जा रहा है।
रामजन्मभूमि परिसर में हाई-टेक सुरक्षा
पूरे अयोध्या शहर और विशेषकर रामजन्मभूमि मंदिर परिसर में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। 15,000 से अधिक CCTV कैमरों से निगरानी की जा रही है, जिनमें 450 कैमरे यलो जोन में विशेष रूप से लगाए गए हैं। अतिथियों को प्रवेश के दौरान मेटल डिटेक्टर, डॉग स्क्वॉड और कई स्तरों वाली QR कोड स्कैनिंग से गुजरना होगा। अब मोबाइल फोन भी अंदर ले जाने पर प्रतिबंधित हैं। एयरपोर्ट क्षेत्र में भी सख्त जांच और स्टाफ की दो-स्तरीय पहचान प्रणाली लागू की गई है, ताकि सुरक्षा की पूरी गारंटी दी जा सके।
अयोध्या में आगंतुकों की बढ़ती संख्या से आर्थिक गतिविधियों में तेजी
सुरक्षा के कड़े इंतजामों के बावजूद अयोध्या आगंतुकों से पूरी तरह गुलजार है। शहर के बाहर और आसपास के क्षेत्रों में एक विशाल टेंट सिटी लगाई गई है, जबकि सभी होटल और गेस्ट हाउस पूरी तरह बुक हैं। इस भारी आवक से स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल रही है। मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय के अनुसार, लगभग 1,600 होटल कमरे और कई टेंट सिटी विशेष रूप से अतिथियों के लिए आरक्षित किए गए हैं।





