back to top
28.1 C
New Delhi
Sunday, March 15, 2026
spot_imgspot_imgspot_imgspot_img

‘इंडिगो के विमान उड़ नहीं रहे या उड़ाए नहीं जा रहे’,लोकसभा में गरजे अखिलेश यादव कहा-कुछ लोग अंग्रेजों के मुखबर

लोकसभा में ‘वंदे मातरम्’ की 150वीं वर्षगांठ पर चल रही ऐतिहासिक चर्चा के दौरान राजनीतिक माहौल काफी गरमा गया। उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने सरकार और भाजपा पर तीखा हमला बोला है।

नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। लोकसभा में ‘वंदे मातरम्’ की 150वीं वर्षगांठ पर चल रही ऐतिहासिक चर्चा के दौरान राजनीतिक माहौल काफी गरमा गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संबोधन के बाद समाजवादी पार्टी के प्रमुख और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने सरकार और भाजपा पर तीखा हमला बोला।

PM मोदी बोले – अत्याचार के दौर में लिखा गया वंदे मातरम्

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि वंदे मातरम् उस समय लिखा गया था, जब 1857 की क्रांति के बाद अंग्रेज सरकार और भी ज्यादा अत्याचार कर रही थी। उस दौर में अंग्रेज ‘गॉड सेव द क्वीन’ को हर घर तक पहुंचाने की कोशिश कर रहे थे। ऐसे माहौल में बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय ने वंदे मातरम् लिखकर भारतीयों में साहस और आत्मविश्वास भरने का काम किया।

‘वंदे मातरम् गाने के लिए नहीं, निभाने के लिए होता है’

अखिलेश यादव ने कहा कि वंदे मातरम् सिर्फ बोलने या दिखावे के लिए नहीं है, बल्कि इसे व्यवहार में भी उतारना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह किसी एक पार्टी की संपत्ति नहीं बल्कि पूरे देश की भावना है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि सत्ता पक्ष ऐसा दिखाता है जैसे वंदे मातरम् उन्हीं का बनाया हुआ गीत हो। अखिलेश यादव ने आज़ादी के दौर का जिक्र करते हुए कहा कि जब देशभक्त लोग ‘वंदे मातरम्’ दिल से बोलते थे, उसी समय कुछ लोग अंग्रेजों के लिए मुखबिरी और जासूसी करते थे। उन्होंने कहा कि वंदे मातरम् ने देश को ताकत दी, लोगों को एकजुट किया और अंग्रेजों को डराने का काम किया।

इतिहास का जिक्र करते हुए बोले अखिलेश

अखिलेश यादव ने बताया कि जब रवींद्रनाथ टैगोर ने कांग्रेस अधिवेशन में वंदे मातरम् गाया, तब यह आम जनता तक पहुंचा। जब-जब अंग्रेजों के खिलाफ लोगों को जोड़ना होता था, तब यही गीत ताकत बनता था। उन्होंने कहा कि इस गीत को गाने पर लोगों को जेल तक भेज दिया जाता था, यहां तक कि बच्चों पर भी मुकदमे किए गए। केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने कहा कि वंदे मातरम् ने आज़ादी के आंदोलन में देश को जगाने का काम किया। इसे लेकर किसी भी धर्म के लोगों को कोई आपत्ति नहीं होनी चाहिए थी, लेकिन मुस्लिम लीग ने इसका विरोध किया और कांग्रेस ने उनका साथ दिया, जिससे आगे चलकर देश का विभाजन हुआ।

Advertisementspot_img

Also Read:

लखनऊ में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद से मिलकर गदगद दिखे सपा मुखिया अखिलेश यादव, कहा- नकली संतो का होगा अंत

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। यूपी की सियासत में इस समय जो एक नाम सबसे ज्यादा चर्चा में है वह है शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेशवारनंद सरस्वती। इन...
spot_img

Latest Stories

West Bengal Assembly 2026: बिधाननगर सीट पर किसका रहा है पलड़ा भारी, जानिए यहां का सियासी इतिहास

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव मुहाने...

जब देश में है तेल के कुएं का भंडार तो भारत विदेशों से क्यों खरीदता है क्रूड ऑयल?

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। इस बात में कोई दोराहे नहीं...

LPG, CNG और PNG में क्या होता है अंतर? जानिए रसोई से गाड़ियों तक इन गैसों का काम

नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव, खासकर Iran...

Solo घूमने के लिए भारत की ये बेस्ट जगहें, जहां मिलेगा सुकून

नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। आज के समय में ज्यादातर...

Alia Bhatt Birthday: 19 की उम्र में एक्ट्रेस ने किया डेब्यू, बड़ा अनोखा रहा अब तक का फिल्मी सफर

नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। आलिया भट्ट सिनेमा की चर्चित...

Vastu Tips: पापमोचनी एकादशी के दिन करें ये वास्तु उपाय, घर में सुख समृद्धि की होगी वृद्धि

नई दिल्ली रफ्तार डेस्क। पापमोचनी एकादशी के दिन आपको...