नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। आज महाशिवरात्रि का पर्व भगवान भोलेनाथ की उपासना के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। यह दिन विशेष रूप से उन दंपतियों के लिए महत्वपूर्ण होता है, जो संतान प्राप्ति की कामना कर रहे हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, महाशिवरात्रि के दिन विधि-विधान से शिवलिंग का अभिषेक, व्रत और पूजा करने से न केवल संतान सुख की प्राप्ति होती है, बल्कि दांपत्य जीवन से जुड़ी कई समस्याएं भी दूर होती हैं।
महाशिवरात्रि हर वर्ष फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मनाई जाती है। मान्यता है कि इसी दिन भगवान शिव और माता पार्वती का पावन विवाह संपन्न हुआ था। यही कारण है कि इस दिन शिव-पार्वती की संयुक्त आराधना को विशेष फलदायी माना गया है। श्रद्धा और नियमों के साथ की गई पूजा से भगवान शिव शीघ्र प्रसन्न होते हैं और भक्तों को मनचाहा वरदान देते हैं।
गाय के दूध से करें शिवलिंग का अभिषेक
धार्मिक ग्रंथों के अनुसार, संतान प्राप्ति की इच्छा रखने वाले पति-पत्नी को महाशिवरात्रि के दिन शिवलिंग पर गाय के कच्चे दूध से अभिषेक करना चाहिए। दूध में थोड़ा-सा शहद और घी मिलाकर भगवान शंकर को अर्पित करना शुभ माना गया है। अभिषेक के दौरान
“ॐ नमो भगवते जगत्प्रसूतये नमः”
मंत्र का जाप करने से वंश वृद्धि के योग प्रबल होते हैं और संतान संबंधी बाधाएं दूर होती हैं।
घी और बेलपत्र से करें विशेष पूजन
पूजा के समय शिवलिंग पर शुद्ध घी अर्पित करना भी अत्यंत लाभकारी माना गया है। इसके साथ 108 बेलपत्र लें और प्रत्येक बेलपत्र पर सफेद चंदन से ‘ॐ’ लिखकर महादेव को अर्पित करें। मान्यता है कि इस उपाय से संतान प्राप्ति में आ रही रुकावटें समाप्त होती हैं और परिवार में सुख-शांति बनी रहती है।
आटे से बनाएं शिवलिंग
प्राचीन परंपराओं के अनुसार, महाशिवरात्रि के दिन जौ, गेहूं और चावल के आटे को समान मात्रा में मिलाकर शिवलिंग का निर्माण करना चाहिए। इस शिवलिंग की विधि-विधान से पूजा करें और अगले दिन इसे किसी पवित्र नदी या जलाशय में प्रवाहित कर दें। इसे संतान सुख प्राप्ति के लिए अत्यंत शुभ उपाय माना गया है।
दान-पुण्य से मिलती है महादेव की कृपा
महाशिवरात्रि के दिन दान-पुण्य का विशेष महत्व है। इस दिन किसी गरीब बच्चे को भोजन, वस्त्र या आवश्यक सामग्री दान करने से भगवान शिव शीघ्र प्रसन्न होते हैं और विवाहित जोड़े को संतान सुख का आशीर्वाद प्रदान करते हैं।





