नई दिल्ली / रफ्तार डेस्क। टी20 वर्ल्ड कप में पाकिस्तान के स्पिनर उस्मान तारिक के गेंदबाजी एक्शन को लेकर चर्चा तेज हो गई है। कुछ लोग इसे अवैध बता रहे हैं, तो कुछ का मानना है कि यह लीगल है। भारत के पूर्व क्रिकेटर भी दो समूहों में बंटे हैं। आकाश चोपड़ा ने उन पर सवाल उठाए, जबकि रविचंद्रन अश्विन ने उस्मान तारिक के पक्ष में राय दी।
दरअसल, उस्मान तारिक के एक्शन में गेंद को रिलीज करने से पहले थोड़ा रुकना शामिल है, जो बल्लेबाजों को परेशान कर रहा है। इसी वजह से कुछ लोग इसे ‘चुकिंग’ कह रहे हैं। अश्विन ने कहा कि रुकने वाला यह कदम लीगली है और गेंदबाजी एक्शन की अंतिम जांच आईसीसी करती है। चलिए जानते हैं कि आईसीसी का नियम क्या कहता है? और किस तरह से गेंदबाज के एक्शन की जांच करता है।
गेंदबाजी एक्शन के लिए क्या है आईसीसी नियम?
आईसीसी के नियमों के अनुसार, किसी भी गेंदबाज का एक्शन अवैध तब माना जाता है जब गेंदबाजी के दौरान वह अपनी कोहनी को 15 डिग्री से अधिक सीधा या झटका देते हुए गेंद छोड़ता है। अंतरराष्ट्रीय मैचों में मैच ऑफिशियल रियल टाइम में गेंदबाज का एक्शन देखते हैं। अगर उन्हें संदेह होता है कि गेंदबाज का एक्शन अवैध है, तो वे रिपोर्ट दर्ज करते हैं।
विशेष उपकरण और कैमरों से होगी है जांच
इसके बाद गेंदबाज को ICC टेस्टिंग सेंटर में ले जाकर उनका एक्शन विशेष उपकरण और कैमरों से टेस्ट किया जाता है। अगर वहां उनका एक्शन अवैध पाया जाता है, तो उस पर गेंदबाजी का प्रतिबंध लगाया जाता है। खिलाड़ी तब तक गेंदबाजी नहीं कर सकता जब तक कि वह अपना एक्शन सही तरीके से सुधार न ले। इस नियम का उद्देश्य है कि खेल में न्याय और बराबरी बनी रहे और कोई खिलाड़ी नियम तोड़कर अनैतिक लाभ न ले।





