नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। फाल्गुन माह की विजया एकादशी इस वर्ष 13 फरवरी को श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाई जाएगी। यह तिथि भगवान विष्णु को समर्पित मानी जाती है और सनातन परंपरा में इसका विशेष महत्व है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम ने लंका विजय से पूर्व समुद्र तट पर इसी एकादशी का विधिपूर्वक व्रत किया था, जिससे उन्हें विजय और यश की प्राप्ति हुई। कहा जाता है कि इस दिन सच्चे मन से पूजा और व्रत करने से जीवन के कष्ट दूर होते हैं और सुख-समृद्धि का आगमन होता है।
तुलसी पूजन का विशेष महत्व
विजया एकादशी पर तुलसी पूजन का खास फल मिलता है। तुलसी को भगवान विष्णु का प्रिय माना गया है और मान्यता है कि तुलसी के बिना श्रीहरि की पूजा अधूरी रहती है। इस दिन तुलसी से जुड़े कुछ सरल उपाय करने से मां लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं और घर से दरिद्रता दूर होती है।
तुलसी के पास दीपक जलाने का उपाय”
धार्मिक ग्रंथों में रोज शाम तुलसी के पास दीपक जलाना शुभ बताया गया है, लेकिन विजया एकादशी के दिन इसका फल और भी बढ़ जाता है। इस दिन तुलसी के पास शुद्ध घी का दीपक जलाएं। माना जाता है कि इससे घर की नकारात्मक ऊर्जा समाप्त होती है और धन-धान्य में वृद्धि होती है। यह उपाय विशेष रूप से आर्थिक परेशानियों से जूझ रहे लोगों के लिए लाभकारी माना गया है।
भोग में तुलसी दल अवश्य रखें
विजया एकादशी के दिन भगवान विष्णु को फल और मिठाई का भोग लगाएं और उसमें तुलसी के दल अवश्य शामिल करें। ऐसी मान्यता है कि तुलसी दल के साथ लगाया गया भोग श्रीहरि शीघ्र स्वीकार करते हैं और साधक को पूजा का पूर्ण फल प्राप्त होता है। इससे जीवन में स्थिरता और मानसिक शांति भी आती है।
तुलसी की परिक्रमा से मिलेगा सौभाग्य
इस पावन तिथि पर तुलसी पूजन के दौरान 7 या 11 बार परिक्रमा करना अत्यंत शुभ माना जाता है। परिक्रमा करते समय मां तुलसी के मंत्रों का जप करें और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना करें। मान्यता है कि इस उपाय से मां लक्ष्मी की विशेष कृपा प्राप्त होती है और रुके हुए कार्यों में गति आती है।
तुलसी पूजा के नियमों का रखें ध्यान
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार एकादशी के दिन तुलसी माता निर्जला व्रत रखती हैं, इसलिए इस दिन भूलकर भी तुलसी में जल नहीं चढ़ाना चाहिए और न ही तुलसी के पत्तों को तोड़ना या छूना शुभ माना जाता है। तुलसी के आसपास हमेशा साफ-सफाई बनाए रखें और वहां कूड़ेदान, जूते-चप्पल या कोई अशुद्ध वस्तु न रखें। माना जाता है कि इन नियमों का सही तरीके से पालन करने से पूजा का पूर्ण फल प्राप्त होता है और घर में सकारात्मक ऊर्जा, सुख-शांति और समृद्धि बनी रहती है।





