नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव को पटना पुलिस ने देर रात गिरफ्तार कर लिया। यह गिरफ्तारी एक पुराने मामले में की गई, लेकिन कार्रवाई से पहले उनके आवास पर करीब डेढ़ घंटे तक हाई वोल्टेज ड्रामा चलता रहा। बड़ी संख्या में समर्थक मौके पर पहुंच गए और पुलिस के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। पुलिस को उन्हें भीड़ से निकालने में काफी मशक्कत करनी पड़ी।
गिरफ्तारी से पहले स्वास्थ्य खराब होने की बात कही
गिरफ्तारी से पहले पप्पू यादव ने अपनी तबीयत खराब होने का हवाला दिया। उन्होंने सांस लेने में दिक्कत और दवा चलने की बात कहते हुए हाउस अरेस्ट की मांग की। उन्होंने अपना मेडिकल रिपोर्ट भी अधिकारियों को दिखाया, लेकिन पुलिस ने कहा कि गिरफ्तारी के बाद ही उनका मेडिकल कराया जाएगा।
आधी रात को गिरफ्तारी देने पर हुए राजी
करीब 1.30 घंटे तक चले विवाद और बातचीत के बाद रात करीब 12 बजे पप्पू यादव गिरफ्तारी देने के लिए तैयार हुए। इस दौरान उनके समर्थकों ने पुलिस गाड़ी के सामने लेटकर विरोध किया, जिससे माहौल तनावपूर्ण हो गया था। गिरफ्तारी के बाद पुलिस उन्हें पटना के आईजीएमएस अस्पताल लेकर गई, जहां उनका एक्स-रे और ईसीजी कराया गया। फिलहाल उन्हें इमरजेंसी वार्ड में रखा गया है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, कानूनी प्रक्रिया के तहत उन्हें कोर्ट में पेश किया जाएगा।
क्या है 1995 का मामला?
पप्पू यादव की गिरफ्तारी जिस केस में हुई है, वह साल 1995 का बताया जा रहा है। गर्दनीबाग थाने में दर्ज शिकायत के मुताबिक, एक युवक ने आरोप लगाया था कि पप्पू यादव और उनके सहयोगियों ने धोखाधड़ी कर मकान किराए पर लिया था और कई जानकारी छिपाई थी। यह मामला लंबे समय से कोर्ट में चल रहा है और अदालत कई बार उनकी पेशी का आदेश दे चुकी थी।





