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Monday, March 2, 2026
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बजट 2026: किसानों से लेकर कारोबारियों तक, निर्मला सीतारमण ने खोल दिया पिटारा, जानें किसे क्या मिला?

Budget 2026 में सरकार ने बायोफार्मा, सेमीकंडक्टर, माइनिंग और MSME सेक्टर पर बड़ा दांव खेलते हुए 10,000 करोड़ तक की नई योजनाओं का ऐलान किया।

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। संसद में जैसे ही वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट 2026 का भाषण शुरू किया, पूरे देश की नजरें देश की आर्थिक दिशा पर टिक गईं। इस बजट में उन्होंने आम आदमी से लेकर उद्योग, स्टार्टअप, MSME और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर तक को ध्यान में रखते हुए एक के बाद एक अहम घोषणाएं कीं। मैन्युफैक्चरिंग को नई गति देने, शहरों को आर्थिक हब के रूप में विकसित करने और रोजगार के नए अवसर पैदा करने का साफ रोडमैप पेश किया गया। कुल मिलाकर बजट 2026 को विकास, निवेश और भविष्य की मजबूत नींव रखने वाला बजट माना जा रहा है, जिसके असर आने वाले वर्षों में साफ नजर आएंगे।

1. बायोफार्मा सेक्टर को नई ताकत: ‘बायोफॉर्मा शक्ति’ मिशन की शुरुआत

सरकार ने देश की बायोफार्मा क्षमताओं को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए अगले पांच वर्षों के लिए 10,000 करोड़ रुपये के कुल परिव्यय के साथ ‘बायोफॉर्मा शक्ति’ मिशन की शुरुआत का ऐलान किया है। इस पहल का उद्देश्य रिसर्च, इनोवेशन और मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देकर भारत को बायोफार्मा सेक्टर में आत्मनिर्भर और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाना है।

2.उद्योगों को मिलेगी रफ्तार: हाईटेक टूल रूम और माइनिंग कॉरिडोर का ऐलान

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट में उद्योग जगत को गति देने के लिए बड़ा कदम उठाया है। सरकार दो अत्याधुनिक हाईटेक टूल रूम स्थापित करेगी, जो मैन्युफैक्चरिंग और स्किल डेवलपमेंट को नई ताकत देंगे। इसके साथ ही केरल और तमिलनाडु में नए माइनिंग कॉरिडोर विकसित किए जाएंगे, जिससे औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा और रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।

3.इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन 2.0: चिप मैन्युफैक्चरिंग में आत्मनिर्भर भारत की बड़ी छलांग

सरकार ने बजट में इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 लॉन्च करने का ऐलान किया है, जिससे भारत को चिप मैन्युफैक्चरिंग के क्षेत्र में वैश्विक ताकत बनाने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। इस मिशन के तहत तकनीकी क्षमताओं को मजबूत करने, उद्योग-नेतृत्व वाले रिसर्च सेंटर्स और ट्रेनिंग हब्स पर खास फोकस रहेगा, ताकि कुशल मानव संसाधन तैयार हो और भारत सेमीकंडक्टर सेक्टर में आत्मनिर्भर बन सके।

4,चार राज्यों में रेयर-अर्थ कॉरिडोर: रणनीतिक खनिजों में आत्मनिर्भरता की तैयारी

सरकार ने ओडिशा, केरल, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु जैसे खनिज-संपन्न राज्यों में समर्पित रेयर-अर्थ कॉरिडोर विकसित करने का प्रस्ताव रखा है, जिसका उद्देश्य दुर्लभ मृदा खनिजों और स्थायी चुम्बकों के उत्पादन को बढ़ावा देना है। यह कदम इलेक्ट्रॉनिक्स, इलेक्ट्रिक वाहन, रक्षा और ग्रीन एनर्जी जैसे अहम क्षेत्रों के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि इससे भारत की रणनीतिक सप्लाई चेन मजबूत होगी और आयात पर निर्भरता कम करने की दिशा में बड़ी पहल साबित होगी।

5.SME ग्रोथ फंड: छोटे उद्यमों को नई उड़ान

बजट 2026 में छोटे और मझोले उद्यमों (MSME) को सशक्त बनाने के लिए 10,000 करोड़ रुपये का SME ग्रोथ फंड प्रस्तावित किया गया है। इस पहल का मकसद न सिर्फ नवीनतम रोजगार सृजन करना है, बल्कि उन MSME को प्रोत्साहन देना है जो चयनित मानदंडों पर खरे उतरते हैं। इसके जरिए छोटे व्यवसायों की वित्तीय क्षमता मजबूत होगी, उनका विस्तार आसान होगा और अर्थव्यवस्था में स्थायी विकास को बढ़ावा मिलेगा।

6. वस्‍त्र उद्योगों के लिए एकीकृत पहल: कौशल, आत्मनिर्भरता और आधुनिकता

बजट 2026 में खादी, हथकरघा और हस्तशिल्प उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए महात्मा गांधी ग्राम स्वराज पहल का शुभारंभ किया गया है। इसके तहत वस्त्र कौशल इको-सिस्टम को सुदृढ़ किया जाएगा और समर्थ 2.0 मिशन के माध्यम से उद्योग में आधुनिक तकनीकों और नवाचार को लागू किया जाएगा। साथ ही, राष्ट्रीय फाइबर योजना के जरिए प्राकृतिक, मानव निर्मित और नए जमाने के फाइबर में आत्मनिर्भरता सुनिश्चित की जाएगी, ताकि भारत का वस्त्र क्षेत्र स्थायी विकास और वैश्विक प्रतिस्पर्धा में अग्रणी बने।

7.कार्बन कैप्चर और उपयोग में निवेश: 20,000 करोड़ रुपये का प्रस्ताव

केंद्रीय वित्त मंत्री ने कार्बन कैप्चर, उपयोग और भंडारण (CCUS) तकनीकों को बढ़ावा देने के लिए अगले पांच वर्षों में 20,000 करोड़ रुपये के निवेश का प्रस्ताव रखा है। इसका उद्देश्य इन तकनीकों को बड़े पैमाने पर लागू करना और विभिन्न अंतिम उपयोग क्षेत्रों में उनकी तैयारी और क्षमता को मजबूत करना है, ताकि पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ उद्योगों में टिकाऊ और स्वच्छ ऊर्जा समाधानों को प्रोत्साहित किया जा सके।

8.टियर-2 और टियर-3 शहरों के विकास पर फोकस

सरकार ने सार्वजनिक अवसंरचना को मजबूत करने के लिए कई अहम पहलें की हैं। बजट 2026 में यह स्पष्ट किया गया कि आने वाले समय में 5 लाख से अधिक आबादी वाले टियर-2 और टियर-3 शहरों में इंफ्रास्ट्रक्चर और विकास पर खास जोर रहेगा। ये शहर अब तेजी से उभरते हुए ग्रॉथ सेंटर बन चुके हैं, और इन पर निवेश से न सिर्फ स्थानीय अर्थव्यवस्था मजबूत होगी, बल्कि रोजगार और उद्योगों के लिए भी नए अवसर खुलेंगे।

9.नया फ्रेट कॉरिडोर और 20 नए जलमार्गों का ऐलान

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कार्गो परिवहन को पर्यावरण-अनुकूल बनाने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। इसके तहत पूर्व में दानकुनी को पश्चिम में सूरत से जोड़ने वाला नया समर्पित माल गलियारा विकसित किया जाएगा। इसके अलावा, सरकार अगले पांच वर्षों में देशभर में 20 नए अंतर्देशीय जलमार्ग चालू करने की योजना बना रही है, जिसकी शुरुआत ओडिशा में राष्ट्रीय जलमार्ग-5 से की जाएगी। ये पहल लॉजिस्टिक दक्षता बढ़ाएंगी और माल परिवहन को तेज, सस्ता और टिकाऊ बनाएंगी।

10.हाई पावर्ड स्टैंडिंग कमिटी: सरकार ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के रोजगार पर असर का अध्ययन करने के लिए एक हाई पावर्ड स्टैंडिंग कमिटी बनाने की घोषणा की है। यह समिति AI से उत्पन्न चुनौतियों और अवसरों का विश्लेषण करेगी और भविष्य की रोजगार नीति के लिए सुझाव पेश करेगी।

11.हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर और बैंकिंग सुधार: देश में सात हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर बनाए जाएंगे, जो पर्यावरण-अनुकूल यात्री परिवहन को बढ़ावा देंगे। ये कॉरिडोर मुंबई-पुणे, पुणे-हैदराबाद, हैदराबाद-बेंगलुरु, हैदराबाद-चेन्नई, चेन्नई-बेंगलुरु, दिल्ली-वाराणसी और वाराणसी-सिलीगुड़ी को जोड़ेंगे। वहीं, बैंकिंग क्षेत्र को और मजबूत बनाने के लिए एक उच्चस्तरीय समिति गठित की जाएगी, जो भविष्य की जरूरतों के अनुसार रोडमैप तैयार करेगी।

12.हर जिले में गर्ल्स हॉस्टल: लंबी पढ़ाई और प्रयोगशाला के दौरान छात्राओं की कठिनाइयों को देखते हुए, हर जिले में एक गर्ल्स हॉस्टल बनाए जाएंगे। यह पहल VGF योजना के तहत की जाएगी, जिससे छात्राओं को सुरक्षित और सुविधाजनक आवास उपलब्ध कराया जा सके।

13,मत्स्य पालन: सरकार 500 जलाशयों का समग्र विकास कर मत्स्य पालन क्षेत्र को मजबूत करेगी। साथ ही मत्स्य पालन करने वाले किसानों को सीधे बाजार से जोड़कर उनकी आय बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है।

14,एवीजीसी सेक्टर की मांग: भारत का एनीमेशन, विजुअल इफेक्ट्स, गेमिंग और कॉमिक्स (AVGC) उद्योग तेजी से बढ़ रहा है। 2030 तक इसमें 20 लाख पेशेवरों की जरूरत होगी। इसके लिए मुंबई के इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ क्रिएटिव टेक्नोलॉजीज के सहयोग से 15,000 माध्यमिक स्कूलों और 500 कॉलेजों में AVGC कंटेंट क्रिएटर लैब्स स्थापित की जाएंगी।

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