नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। उत्तर प्रदेश की राजनीति में भारतीय जनता पार्टी की अंदरूनी कलह अब खुले तौर पर सामने आने लगी है। अयोध्या में डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य की मौजूदगी में ही बीजेपी के दो नेता आपस में भिड़ गए। मामला इतना बढ़ गया कि मंच पर ही हाथापाई शुरू हो गई और सुरक्षाकर्मियों को बीच-बचाव करना पड़ा। यह घटना उस समय हुई जब डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य पूर्व विधायक खब्बू तिवारी की माता के निधन के बाद तेरहवीं संस्कार कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे थे।
मंच पर बैठे नेताओं के बीच अचानक शुरू हुआ विवाद
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कार्यक्रम के दौरान जिला अध्यक्ष संजीव सिंह और बीजेपी नेता सच्चिदानंद पांडेय के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी शुरू हुई। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों नेताओं ने एक-दूसरे की कॉलर पकड़ ली और धक्का-मुक्की करने लगे। इस दौरान मंच पर बैठे डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य काफी असहज नजर आए। माहौल बिगड़ता देख सुरक्षाकर्मियों और अन्य कार्यकर्ताओं ने दोनों नेताओं को अलग किया।
वायरल वीडियो से बढ़ी पार्टी की किरकिरी
इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि किस तरह बीजेपी नेता सार्वजनिक मंच पर अनुशासन तोड़ते नजर आ रहे हैं। वीडियो वायरल होने के बाद बीजेपी में बढ़ते आपसी मतभेदों को लेकर सवाल उठने लगे हैं। डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने भी इस घटना पर नाराजगी जताई है, हालांकि उन्होंने मीडिया के सामने कोई विस्तृत बयान नहीं दिया है। स्थानीय कार्यकर्ताओं का कहना है कि संजीव सिंह और सच्चिदानंद पांडेय के बीच लंबे समय से मतभेद चल रहे थे। गुरुवार को यह नाराजगी डिप्टी सीएम के सामने ही खुलकर सामने आ गई। अब पार्टी के अंदर दोनों नेताओं पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की मांग उठने लगी है।
महोबा में भी दिखी BJP नेताओं की तनातनी
बीजेपी की अंदरूनी खींचतान सिर्फ अयोध्या तक सीमित नहीं रही। शुक्रवार को महोबा में जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह और चरखारी विधायक बृजभूषण राजपूत के बीच भी तनाव देखने को मिला। जलकल योजना में काम न होने को लेकर विधायक की नाराजगी सामने आई। इस दौरान विधायक के समर्थकों और सुरक्षाकर्मियों के बीच झड़प का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। अयोध्या और महोबा से सामने आए इन दोनों वीडियो ने बीजेपी के भीतर चल रही अंदरूनी असहमति को उजागर कर दिया है। फिलहाल इस पूरे मामले पर पार्टी के किसी बड़े पदाधिकारी का आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, लेकिन वायरल घटनाओं ने सियासी हलकों में हलचल जरूर मचा दी है।





