नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। महाराष्ट्र की राजनीति में आज एक नया इतिहास बनने जा रहा है। उपमुख्यमंत्री अजित पवार के असामयिक निधन के बाद उनकी पत्नी सुनेत्रा पवार आज महाराष्ट्र की पहली महिला उपमुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेंगी। उनका शपथ ग्रहण समारोह आज (31 जनवरी) शाम 5 बजे मुंबई में आयोजित किया जाएगा। शपथ ग्रहण से पहले दोपहर 2 बजे विधान भवन में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी विधायक दल की बैठक होगी, जिसमें सुनेत्रा पवार को विधायक दल का नेता चुना जाएगा। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं का कहना है कि यह फैसला सर्वसम्मति से लिया जाएगा।
NCP विधायक दल की बैठक, सभी औपचारिकताएं पूरी
एनसीपी ने विधायक दल की बैठक को लेकर सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। पार्टी के वरिष्ठ नेता सुनील तटकरे ने बैठक का आधिकारिक पत्र विधानसभा सचिवालय को सौंप दिया है। सूत्रों के मुताबिक, बैठक में सुनेत्रा पवार को निर्विरोध नेता चुना जाएगा। इस बीच सुनेत्रा पवार बारामती से मुंबई पहुंच चुकी हैं और शपथ समारोह की अंतिम तैयारियां चल रही हैं। डिप्टी सीएम पद संभालने के बाद सुनेत्रा पवार को राज्यसभा सांसद पद से इस्तीफा देना होगा। ऐसे में यह चर्चा तेज हो गई है कि खाली होने वाली राज्यसभा सीट पर उनके बेटे पार्थ पवार को भेजा जा सकता है। हालांकि, इस पर पार्टी की ओर से अभी आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।
कौन हैं सुनेत्रा पवार?
सुनेत्रा पवार का जन्म वर्ष 1963 में महाराष्ट्र के धराशिव जिले में हुआ था। उनके पिता बाजीराव पाटिल अपने क्षेत्र के प्रभावशाली नेता रहे हैं। उनके भाई पद्मसिंह पाटिल पूर्व मंत्री और पूर्व सांसद रह चुके हैं। उन्होंने 1983 में संभाजीनगर के सरस्वती भुवन कॉलेज से वाणिज्य (कॉमर्स) में स्नातक की पढ़ाई पूरी की। साल 1985 में उनका विवाह अजित पवार से हुआ। विवाह के बाद लंबे समय तक सुनेत्रा पवार सक्रिय राजनीति से दूर रहीं, लेकिन सामाजिक कार्यों से उनका जुड़ाव लगातार बना रहा। काटेवाड़ी गांव में सार्वजनिक शौचालय निर्माण की पहल उनका पहला बड़ा सामाजिक कार्य माना जाता है। उनके प्रयासों से साल 2006 में काटेवाड़ी गांव को ‘निर्मल ग्राम पुरस्कार’ मिला और गांव को हगंडारी मुक्त घोषित किया गया। साल 2008 में उन्होंने ‘बारामती हाई टेक टेक्सटाइल पार्क’ की स्थापना की और उसकी अध्यक्ष रहीं। वह विद्या प्रतिष्ठान की ट्रस्टी भी हैं। 2011 से वह फ्रांसीसी थिंक टैंक ‘वर्ल्ड एंटरप्रेन्योरशिप फोरम’ की सदस्य हैं। वहीं, 2017 से सावित्रीबाई फुले पुणे विश्वविद्यालय की सीनेट में भी शामिल हैं।





