back to top
27.1 C
New Delhi
Wednesday, March 11, 2026
spot_imgspot_imgspot_imgspot_img

‘दुनिया ने एक महान व्यक्ति खो दिया’ महात्मा गांधी की हत्या के बाद किसने कही थी ये बात, जानिए पूरी कहानी

आज के दिन यानी 30 जनवरी 1948 को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। शाम 5 बजकर 17 मिनट पर हुए इस हत्याकांड ने न सिर्फ भारत, बल्कि पूरी दुनिया को झकझोर कर रख दिया।

नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। 30 जनवरी 1948 को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। शाम 5 बजकर 17 मिनट पर हुए इस हत्याकांड ने न सिर्फ भारत, बल्कि पूरी दुनिया को झकझोर कर रख दिया। गांधी की शहादत के बाद देश-विदेश से शोक संदेश आए, जिनमें पाकिस्तान के पहले गवर्नर जनरल मोहम्मद अली जिन्ना का बयान भी शामिल था।

”अगर कोई मुझ पर पास से गोली चलाए और मैं मुस्कुराते हुए राम नाम लूंगा”

गांधीजी अपने अंतिम दिनों में कई बार अपनी मृत्यु की बात कर चुके थे। उन्होंने कहा था, “अगर कोई मुझ पर पास से गोली चलाए और मैं मुस्कुराते हुए, राम नाम लेते हुए उसका सामना करूं, तो मैं बधाई का हक़दार हूं। उनके ये शब्द 30 जनवरी की शाम सच साबित हो गए। गांधी की हत्या के अगले दिन मोहम्मद अली जिन्ना ने शोक संदेश जारी किया। उन्होंने कहा, “मैं इस खबर से स्तब्ध हूं कि महात्मा गांधी पर जानलेवा हमला हुआ, जिसमें उनका निधन हो गया। दुनिया ने एक महान व्यक्ति को खो दिया है।” हालांकि भारत-पाकिस्तान विभाजन को लेकर गांधी और जिन्ना के बीच गहरे वैचारिक मतभेद थे, लेकिन इसके बावजूद जिन्ना ने गांधी को एक महान नेता और व्यक्तित्व बताया। जिन्ना ने अपने बयान में कहा कि गांधी हिंदू समुदाय में जन्मे एक ऐसे नेता थे, जिन पर लोगों का पूरा भरोसा था। उन्होंने यह भी कहा कि भारत के लिए यह एक अपूरणीय क्षति है और ऐसे महान व्यक्ति के निधन से जो खालीपन पैदा हुआ है, उसे भरना बहुत मुश्किल होगा।

हिंदू शब्द के इस्तेमाल पर विवाद

हालांकि जिन्ना के बयान में महात्मा गांधी को हिंदू कहकर संबोधित करने पर आलोचना भी हुई। कई लोगों का मानना था कि गांधी केवल किसी एक धर्म के नेता नहीं, बल्कि पूरी मानवता के प्रतीक थे। इसके बावजूद, जिन्ना की श्रद्धांजलि को ऐतिहासिक माना गया। गांधी की हत्या के बाद पाकिस्तान सरकार ने आधिकारिक रूप से शोक जताया और लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की। यह उस दौर में खास माना गया, जब भारत और पाकिस्तान के रिश्ते बेहद तनावपूर्ण थे। सिर्फ जिन्ना ही नहीं, पाकिस्तान के पहले प्रधानमंत्री लियाकत अली खान ने भी 4 फरवरी 1948 को संसद में गांधी की मृत्यु पर शोक जताया। उन्होंने कहा, उन्होंने आशा जताई कि गांधी अपने जीवन में जो नहीं कर सके, वह उनकी मृत्यु के बाद पूरा हो यानी उपमहाद्वीप में शांति और सद्भाव की स्थापना।

Advertisementspot_img

Also Read:

‘भारत के नहीं, पाकिस्तान के राष्ट्रपिता हैं गांधी जी’, BJP विधायक का विवादित बयान, विपक्ष ने जताई कड़ी आपत्ति

नई दिल्‍ली/रफ्तार डेस्‍क । कर्नाटक के विजयपुरा से बसनगौड़ा पाटिल यतनल ने महात्मा गांधी को लेकर विवादास्पद टिप्पणी की है, जिसने राजनीतिक गलियारों में...
spot_img

Latest Stories

दिल्ली-NCR में अचानक क्यों छाई धुंध? तेज गर्मी के बीच बदला मौसम का मिजाज, जानिए वजह

नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। Delhi और आसपास के एनसीआर इलाकों...

बोल्ड सीन करके मिली पहचान, फिल्मों से ज्यादा विवादों में रहा इस एक्ट्रेस का नाम

नई दिल्ली रफ्तार डेस्क। फिल्म जगत में बोल्डनेस और...

क्या आप भी फटे होंठ से हो गई हैं परेशान? तो घर बैठे घर बैठे ही करें इसका उपाय

नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। आज के समय में प्रदूषण,...

Vastu Tips: घर में नहीं रूक रहा धन, हरी इलायची से करें खास उपाय

नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। हर व्यक्ति चाहता है कि...