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Monday, March 2, 2026
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एक गलती, बड़ा नुकसान! ChatGPT और Gemini पर ये जानकारी शेयर करना पड़ सकता है महंगा

ChatGPT, Grok और गूगल जेमिनी जैसे AI चैटबॉट्स पर निजी और मेडिकल जानकारी साझा करना खतरनाक हो सकता है। लैब्स ने चेतावनी दी है कि ऐसे कंटेंट डेटा के गलत इस्तेमाल से भारी नुकसान हो सकता है।

नई दिल्‍ली / रफ्तार डेस्‍क। आज के डिजिटल दौर में चैटजीपीटी, गूगल जेमिनी और ग्रोक जैसे एआई चैटबॉट तेजी से लोगों की जिंदगी का हिस्सा बनते जा रहे हैं। पढ़ाई, ऑफिस वर्क, टेक्निकल हेल्प से लेकर हेल्थ से जुड़े सवालों तक, लोग बिना सोचे-समझे इन प्लेटफॉर्म्स पर अपनी निजी जानकारियां साझा कर रहे हैं। लेकिन अब एक्सपर्ट्स ने इसे लेकर गंभीर चेतावनी जारी की है। उनका कहना है कि अगर आपने AI चैटबॉट्स के साथ मेडिकल रिपोर्ट, हेल्थ हिस्ट्री या अन्य संवेदनशील डेटा शेयर किया, तो यह भविष्य में आपके लिए बड़ा नुकसान बन सकता है।

23 करोड़ यूजर्स ChatGPT से हेल्थ और वेलनेस से जुड़े सवाल पूछते हैं

हाल ही में सामने आई एक रिपोर्ट के मुताबिक, हर हफ्ते करीब 23 करोड़ यूजर्स चैटजीपीटी से हेल्थ और वेलनेस से जुड़े सवाल पूछते हैं। इनमें बीमारियों की जानकारी, दवाओं के नाम, टेस्ट रिपोर्ट, इंश्योरेंस और मेडिकल पेपरवर्क तक शामिल हैं। कई यूजर्स बिना किसी झिझक के अपनी पूरी हेल्थ डायग्नोसिस और टेस्ट रिजल्ट तक चैटबॉट में डाल देते हैं, जो बेहद संवेदनशील जानकारी मानी जाती है।

इन्हें AI ट्रेनिंग के लिए इस्तेमाल नहीं किया जाता

OpenAI ने हाल ही में चैटजीपीटी, स्वास्थ्य प्लेटफॉर्म पेश किया है, जहां हेल्थ से जुड़े सवाल पूछे जा सकते हैं। कंपनी का दावा है कि यूजर्स की मेडिकल डिटेल्स गोपनीय रखी जाती हैं और इन्हें एआई ट्रेनिंग के लिए इस्तेमाल नहीं किया जाता। इसी तरह एंथ्रोपिक ने भी क्लॉड एआई लॉन्च किया है, जो हेल्थ से संबंधित सलाह देता है।

डेटा प्राइवेसी एक्सपर्ट्स इससे सहमत नहीं हैं

डेटा प्राइवेसी एक्सपर्ट्स इससे सहमत नहीं हैं। द वर्ज की रिपोर्ट के अनुसार, हेल्थ डेटा से जुड़े विशेषज्ञों का मानना है कि AI कंपनियों की पॉलिसी भविष्य में बदल सकती है। आज जो डेटा सुरक्षित बताया जा रहा है, वही कल एआई ट्रेनिंग या किसी अन्य उद्देश्य के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है। इसके अलावा, डेटा लीक या गलत इस्तेमाल का खतरा भी पूरी तरह से टाला नहीं जा सकता।

लापरवाही भविष्य में भारी नुकसान का कारण बन सकती है

एक्सपर्ट्स का साफ कहना है कि मेडिकल रिपोर्ट, बीमारी की हिस्ट्री, दवाइयों का विवरण, इंश्योरेंस डॉक्यूमेंट्स, आधार-पैन जैसी पहचान से जुड़ी जानकारी कभी भी एआई चैटबॉट्स के साथ शेयर नहीं करनी चाहिए। यह डेटा गलत हाथों में पड़ने पर फाइनेंशियल फ्रॉड से लेकर निजी जीवन पर गंभीर असर डाल सकता है। फिलहाल, यही है कि एआई टूल्स मददगार जरूर हैं, लेकिन आंख बंद करके भरोसा करना खतरनाक हो सकता है। सवाल पूछें, जानकारी लें, लेकिन अपनी निजी और संवेदनशील डिटेल्स को हमेशा खुद तक ही सीमित रखें क्योंकि थोड़ी सी लापरवाही भविष्य में भारी नुकसान का कारण बन सकती है।

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