नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। तमिलनाडु विधानसभा चुनावों को लेकर राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) ने बड़ा राजनीतिक ऐलान किया है। केंद्रीय मंत्री और तमिलनाडु में बीजेपी के चुनाव प्रभारी पीयूष गोयल ने एआईएडीएमके महासचिव एडप्पाडी के. पलानीस्वामी (EPS) को आगामी विधानसभा चुनाव के लिए एनडीए का मुख्यमंत्री पद का चेहरा घोषित किया है। इस घोषणा के साथ ही राज्य की राजनीति में हलचल तेज हो गई है।
टीटीवी दिनाकरण की एनडीए में वापसी, गठबंधन को मिली मजबूती
इस ऐलान से ठीक पहले अम्मा मक्कल मुनेत्र कडगम (AMMK) के महासचिव टीटीवी दिनाकरण ने औपचारिक रूप से एनडीए में वापसी कर ली। चेन्नई में उन्होंने पीयूष गोयल से मुलाकात कर अपनी पार्टी के समर्थन का ऐलान किया। इसे चुनाव से पहले एनडीए के लिए एक रणनीतिक बढ़त के तौर पर देखा जा रहा है। प्रेस वार्ता में दिनाकरण ने कहा कि तमिलनाडु के हितों के सामने पुराने मतभेद आड़े नहीं आने चाहिए। उन्होंने कहा कि साझा भलाई के लिए समझौता करना कमजोरी नहीं है। अम्मा जयललिता की विरासत का जिक्र करते हुए उन्होंने दावा किया कि उनके कार्यकर्ता एकजुट होकर राज्य में जनहित की सरकार लाने के लिए काम करेंगे। उन्होंने यह भी साफ किया कि ई. पलानीस्वामी से उनका पुराना टकराव अब बीते कल की बात है।
DMK सरकार पर हमला, कानून-व्यवस्था को लेकर सवाल
एनडीए में लौटते ही दिनाकरण ने सत्तारूढ़ डीएमके सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने राज्य में नशे के बढ़ते मामलों और बिगड़ती कानून-व्यवस्था को लेकर सरकार को घेरा और बदलाव की जरूरत बताई। दिनाकरण की वापसी पर केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि उन्हें खुशी है कि दिनाकरण फिर से एनडीए परिवार का हिस्सा बने हैं। उन्होंने कहा कि सभी सहयोगी दल मिलकर तमिलनाडु में मजबूत विकल्प पेश करेंगे। तमिलनाडु में राजनीतिक माहौल को और धार देने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 23 जनवरी को चेंगलपट्टु जिले के मदुरंथकम में विशाल जनसभा को संबोधित करेंगे। इस मंच पर एआईएडीएमके, तमिल मानिला कांग्रेस, तमिल मक्कल मुनेत्र कडगम समेत एनडीए के अन्य सहयोगी दलों के नेता मौजूद रहेंगे। इसे एनडीए की चुनावी बिगुल के तौर पर देखा जा रहा है। तमिलनाडु में 2026 का विधानसभा चुनाव त्रिकोणीय होने जा रहा है। अभिनेता से नेता बने विजय ने तमिलगा वेत्री कडगम नाम से नई पार्टी बनाकर मुकाबले को और रोचक कर दिया है। इससे डीएमके-कांग्रेस गठबंधन और एनडीए दोनों की रणनीतियों पर असर पड़ सकता है।





