नई दिल्ली / रफ्तार डेस्क । ईरान में महंगाई के विरोध से शुरू हुआ जनआंदोलन अब सीधे तौर पर सर्वोच्च नेता आयतुल्ला अली खामेनेई की सत्ता के लिए चुनौती बनता नजर आ रहा है। दिन-ब-दिन यह प्रदर्शन और उग्र होता जा रहा है और इसकी आग देश के 31 प्रांतों के 111 शहरों और कस्बों तक फैल चुकी है। हालात इतने बिगड़ चुके हैं कि सड़कों पर लगातार हिंसक झड़पें देखने को मिल रही हैं। मानवाधिकार संगठनों के अनुसार, इन प्रदर्शनों में अब तक कम से कम 62 लोगों की जान जा चुकी है, जबकि करीब 2,300 लोगों को हिरासत में लिया गया है। बढ़ते दबाव के बीच ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई सार्वजनिक रूप से सामने आए और प्रदर्शनकारियों पर निशाना साधते हुए आंदोलन की कड़ी आलोचना की। वहीं, ईरान के निर्वासित क्राउन प्रिंस रजा पहलवी ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से समर्थन की अपील की है।
एक कदम भी पीछे नहीं हटेंगे – खामेनेई
ईरान में जारी उथल-पुथल के बीच सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई ने स्पष्ट कर दिया है कि वह दबाव में आने वाले नहीं हैं। उन्होंने प्रदर्शनकारियों पर आरोप लगाया कि वे विदेशी ताकतों और दूसरे देशों के नेताओं को खुश करने के लिए अपने ही शहरों और सड़कों को नुकसान पहुंचा रहे हैं।
एक रिपोर्ट के अनुसार, हालात को काबू में करने के लिए शुक्रवार को कई इलाकों में इंटरनेट सेवाएं रोक दी गईं। इस दौरान सामने आए वीडियो फुटेज में अलग-अलग शहरों में सरकार विरोधी प्रदर्शनों के दौरान इमारतों और वाहनों को आग के हवाले किए जाने की तस्वीरें नजर आईं। टेलीविजन पर देश को संबोधित करते हुए खामेनेई ने साफ कहा कि वह किसी भी सूरत में पीछे नहीं हटेंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि यह आंदोलन प्रवासी विपक्षी संगठनों और अमेरिका के इशारे पर चलाया जा रहा है।
ईरान में लगे “आजादी-आजादी” के नारे
ईरान में विरोध प्रदर्शन तेजी से बढ़ते जा रहे हैं, जहां सड़कों पर लोग “आजादी-आजादी” के नारे लगा रहे हैं। निर्वासित क्राउन प्रिंस रजा पहलवी ने 8 और 9 जनवरी को रात 8 बजे प्रदर्शन आयोजित करने का आह्वान किया था, जिसे कई शहरों में बड़े पैमाने पर अपनाया गया। 8 जनवरी की रात आंदोलन ने जबरदस्त रफ्तार पकड़ ली, जिससे राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान के नेतृत्व वाली सरकार को इंटरनेट और अंतरराष्ट्रीय कॉल सेवाएं देशभर में बंद करनी पड़ीं। इसी बीच ईरान की न्यायपालिका और सुरक्षा बलों ने प्रदर्शनकारियों को चेतावनी दी कि कानून तोड़ने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। कुछ मानवाधिकार संगठनों ने दक्षिणी प्रांतों में पुलिस की फायरिंग की घटनाओं की भी रिपोर्ट दी।
खामेनेई का ट्रंप पर वार, कहा- उनका भी पतन निश्चित
खामेनेई ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को भी चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि इतिहास में जैसे फिरौन, निमरूद, रजा शाह और मोहम्मद रजा जैसे तानाशाह अपने घमंड के चरम पर गिराए गए, वैसे ही ट्रंप का भी पतन निश्चित है। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह संदेश स्पष्ट होना चाहिए कि लाखों की कुर्बानी के बाद ही ईरान की सत्ता स्थापित हुई है और देश कभी भी भाड़े के लोगों या विदेशी ताकतों के सामने नहीं झुकेगा।
रजा पहलवी ने ट्रंप से की अपील
रजा पहलवी ने डोनाल्ड ट्रंप से मदद की अपील की है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर लिखा कि लाखों बहादुर ईरानियों को सड़कों पर गोलियों का सामना करना पड़ रहा है। प्रदर्शनकारियों के साथ-साथ संचार व्यवस्था भी पूरी तरह बाधित हो गई है, इंटरनेट और लैंडलाइन सेवाएं ठप हैं। उन्होंने ट्रंप से आग्रह किया कि वे ईरान के लोगों की मदद के लिए हस्तक्षेप करने को तैयार रहें, ताकि देश में हो रही हिंसा और दमन को रोका जा सके।
रजा पहलवी का खामेनेई पर तीखा हमला
रजा पहलवी ने खामेनेई पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि खामेनेई को अपने शासन के अंत का डर सता रहा है, यही वजह है कि वह सड़कों पर उतरे आम लोगों के साथ बर्बरता कर रहे हैं। रजा पहलवी ने कहा कि संचार व्यवस्था पर रोक लगाकर सरकार युवा प्रदर्शनकारियों को निशाना बनाना चाहती है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे अपनी आजादी के लिए एकजुट होकर सड़कों पर उतरें और भारी संख्या में सुरक्षा बलों को घेरकर उनका सामना करें।
रजा पहलवी ने कहा कि लोगों ने बीती रात इसी तरह जवाब दिया था। उन्होंने यह भी कहा कि अंतरराष्ट्रीय दबाव और चेतावनियों के चलते कुछ हद तक शासन पर लगाम लगी है, लेकिन हालात बेहद नाजुक हैं। रजा पहलवी ने कहा कि समय तेजी से निकल रहा है और लोग फिर से सड़कों पर उतरने वाले हैं। ऐसे में उन्होंने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय समुदाय से तत्काल मदद की अपील की।





