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Thursday, March 5, 2026
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कथावाचक अनिरुद्धाचार्य की मुश्किलें नहीं हो रही कम, महिलाओं पर विवादित टिप्पणी को लेकर दूसरा कोर्ट केस दर्ज

एक बार फिर कथावाचक अनिरुद्धाचार्य की महिलाओं और लड़कियों पर विवादित टिप्पणियों के चलते कानूनी मुश्किलें बढ़ गई हैं।

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क।  कथावाचक अनिरुद्धाचार्य की विवादास्पद टिप्पणियों ने उनकी कानूनी मुश्किलें काफी बढ़ा दी हैं। महिलाओं और लड़कियों को लेकर दिए गए उनके आपत्तिजनक बयानों के चलते उनके खिलाफ दूसरा मुकदमा दर्ज हो गया है। लगातार सुर्खियों में रहने वाले इस कथावाचक पर अब महिलाओं का अपमान करने के गंभीर आरोप लगे हैं।

हिंदूवादी नेता गुंजन शर्मा पहुँचीं कोर्ट

अनिरुद्धाचार्य के खिलाफ यह नया मामला हिंदूवादी नेता गुंजन शर्मा की याचिका पर दर्ज हुआ है। इससे पहले, एक अन्य हिंदूवादी नेता मीरा राठौड़ भी उनकी कथित बदजुबानी को लेकर अदालत का रुख कर चुकी हैं। शिकायतकर्ता गुंजन शर्मा ने आरोप लगाया कि आचार्य की विवादित टिप्पणियाँ सोशल मीडिया पर लगातार वायरल हो रही थीं। उन्होंने अगस्त में सामने आए एक मामले का हवाला दिया, जिसमें अनिरुद्धाचार्य ने कथित तौर पर कहा था। चौदह साल की बेटियों की शादी कर देनी चाहिए वरना वो चार जगह मुंह मारती हैं।

 ‘सीता माता से लेकर घरेलू महिलाओं तक पर अभद्र टिप्पणी’

गुंजन शर्मा ने बताया कि उन्होंने पहले पुलिस और प्रशासन से इस पर वार्निंग देने की गुजारिश की थी, लेकिन यह कहकर कार्रवाई नहीं की गई कि यह कोई क्रिमिनल ऑफेंस नहीं है। प्रशासन द्वारा कार्रवाई न होने पर, गुंजन शर्मा को कोर्ट का सहारा लेना पड़ा। उन्होंने आरोप लगाया कि कथावाचक ने सिर्फ बच्चियों पर ही नहीं, बल्कि सभी महिलाओं पर आपत्तिजनक टिप्पणी की है। अनिरुद्ध ने महिलाओं के विरुद्ध कहा है, चाहे उसमें हमारी सीता माता हों, चाहे नन्ही बच्चियां हों, चाहे उसमें घरेलू महिलाएं हों। उन्होंने सभी बीवियों के लिए, पत्नियों के लिए बोल दिया कि वो किसी की भी गोद में जाकर बैठ सकती हैं। गुंजन शर्मा ने अगस्त में कोर्ट में वाद दायर किया और अब उन्हें अगले सप्ताह अपने बयान दर्ज कराने हैं। उन्होंने उम्मीद जताई है कि उनके पास मौजूद पूरे सबूतों के आधार पर अनिरुद्धाचार्य के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई होगी।

मीरा राठौड़ भी खटखटा चुकी हैं कोर्ट का दरवाज़ा

यह पहला मौका नहीं है जब अनिरुद्धाचार्य को विवादित बयानों के लिए कानूनी चुनौती मिली है। इससे पहले, हिंदूवादी नेता मीरा राठौड़ ने भी उनकी अभद्र टिप्पणियों को महिलाओं के सम्मान का उल्लंघन बताते हुए कोर्ट में शिकायत दर्ज कराई थी। इस दूसरे केस के दर्ज होने से कथावाचक अनिरुद्धाचार्य पर कानूनी दबाव और बढ़ गया है, और अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि कोर्ट इस मामले में आगे क्या रुख अपनाता है।

विवादित टिप्पणी क्या थी?

यह केस अनिरुद्धाचार्य के उस वायरल वीडियो पर आधारित है, जो अक्टूबर 2025 में सोशल मीडिया पर प्रसारित हुआ था। टिप्पणी विशेष रूप से अविवाहित महिलाओं की शादी की उम्र और उनके चरित्र को लेकर थी।

अनिरुद्धाचार्य ने कथित तौर पर कहा था कि आजकल बेटियों की शादी 25 साल में होती है, तब तक वह कई जगह मुंह मार चुकी होती हैं या 25 साल तक की अविवाहित कन्याएं 4-5 जगह मुंह मार चुकी होती हैं।उन्होंने यह भी कहा था कि माता-पिता को अपनी बेटियों का विवाह 14 वर्ष की उम्र में कर देना चाहिए, ताकि उनका चरित्र शुद्ध रहे।

कानूनी कार्यवाही और स्थिति

फिलहाल, मथुरा स्थित मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (CJM) की अदालत में ये मामला है मीरा राठौड़ ने अपने वकील के माध्यम से मथुरा की अदालत में एक परिवाद (शिकायत याचिका) दायर की।कोर्ट ने याचिका पर सुनवाई करते हुए, 10 दिसंबर 2025 को कथावाचक के खिलाफ आधिकारिक तौर पर परिवाद दर्ज करने का आदेश दिया।महिलाओं के सम्मान का उल्लंघन, अभद्र भाषा का प्रयोग, प्रवचन में अश्लील इशारे करना, और कानून के खिलाफ बाल विवाह को बढ़ावा देना। कोर्ट ने अगली सुनवाई के लिए 1 जनवरी 2026 की तारीख तय की है। इस दिन वादी (मीरा राठौड़) के बयान दर्ज किए जाएंगे, जिसके बाद मामले में आगे की कानूनी कार्यवाही शुरू होगी।

अनिरुद्धाचार्य का स्पष्टीकरण

विवाद बढ़ने के बाद अनिरुद्धाचार्य ने एक वीडियो के माध्यम से माफी मांगी थी। उन्होंने दावा किया था कि उनके बयान को तोड़-मरोड़ कर पेश किया गया है और उन्होंने कभी नारी का अपमान नहीं किया। उन्होंने कहा था कि उनकी बात कुछ ही लड़कियों के संदर्भ में थी, न कि पूरे महिला समाज के लिए। मीरा राठौड़ का यह पहला केस, जिसने कथावाचक पर कानूनी शिकंजा कसा, अब गुंजन शर्मा द्वारा दायर दूसरे केस के साथ मिलकर उनकी मुश्किलें और बढ़ा रहा है।

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