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गणतंत्र दिवस: शिक्षा मंत्रालय की झांकी को सर्वश्रेष्ठ झांकी का पुरस्कार

दिल्ली, 4 फरवरी (आईएएनएस)। शिक्षा मंत्रालय ने 73वें गणतंत्र दिवस पर प्रस्तुत सर्वश्रेष्ठ झांकी का पुरस्कार जीता है। गणतंत्र दिवस पर भारत सरकार के केंद्रीय मंत्रालयों और विभागों द्वारा निकाली गई झांकियों में से शिक्षा मंत्रालय की झांकी को सर्वश्रेष्ठ झांकी चुना गया है। गणतंत्र दिवस पर शिक्षा मंत्रालय की झांकी ने भारत के गौरवशाली अतीत, वर्तमान और भारत में शिक्षा के स्मार्ट भविष्य के बीच एक सूत्र बुनते हुए वेदों से मेटावर्स तक विषय के साथ राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 को प्रदर्शित किया था। केंद्रीय शिक्षा एवं कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने शिक्षा मंत्रालय की झांकी को सर्वश्रेष्ठ झांकी का पुरस्कार मिलने पर प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने आगे कहा कि झांकी ने भारत के गौरवशाली अतीत, वर्तमान और भारत में शिक्षा के स्मार्ट भविष्य के बीच एक सूत्र बुनते हुए वेदों से मेटावर्स तक विषय के साथ राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 को प्रदर्शित किया। उन्होंने झांकी के माध्यम से प्राचीन से आधुनिक काल तक शिक्षा के ²ष्टिकोण को उजागर करने में मंत्रालय के अधिकारियों के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने गणतंत्र दिवस परेड 2022 में प्रतियोगी प्रस्तुति के अन्य विजेताओं को भी बधाई दी। गणतंत्र दिवस समारोह में इस वर्ष शिक्षा मंत्रालय की झांकी विशेष आकर्षण का केंद्र रही। शिक्षा मंत्रालय की झांकी में जहां एक ओर प्राचीन भारतीय शिक्षा का प्रदर्शन किया गया, वहीं इस झांकी में आधुनिक शिक्षा जैसे कंप्यूटर, वर्चुअल रियलिटी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसी अत्याधुनिक तकनीकों व शैक्षणिक पाठ्यक्रमों की जानकारी दी गई थी। शिक्षा मंत्रालय की झांकी के विषय में जानकारी देते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि गणतंत्र दिवस परेड में भारत की प्राचीन ज्ञान परंपराओं, आधुनिक तकनीक और नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति के संगम को दर्शाया गया। केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने कहा कि वेद से मेटावर्स विषय पर आधारित शिक्षा व कौशल विकास मंत्रालय की मोहक झांकी ने सबको आकर्षित किया है। शिक्षा मंत्री ने कहा कि नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति 21वीं सदी के भारत को एक नई दिशा प्रदान करेगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हम एक शिक्षित, सक्षम, कुशल और आत्मनिर्भर भारत के नए युग की ओर बढ़ रहे हैं। गौरतलब है कि शिक्षा और कौशल विकास मंत्रालय की झांकी में प्राचीन नालंदा विश्वविद्यालय, भारतीय शिक्षा प्रणाली, वेदों की शिक्षा, गुरुकुल परंपरा आदि दर्शाए गए। जहां एक ओर झांकी के एक हिस्से में भारतीय शिक्षा के इस प्राचीन महत्व को दिखाया गया वहीं दूसरी ओर एक हिस्से में मस्तिष्क रूपी उज्जवल होते बल्ब के माध्यम से आधुनिक शिक्षा और तकनीक पर जोर दिया गया। –आईएएनएस जीसीबी/एएनएम

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