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नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। भारत में लगभग 60 प्रतिशत लोग अपने जीवन में कभी न कभी पीठ के निचले हिस्से में दर्द से पीड़ित होते हैं. हो सकता है घर की सफाई करते समय या कोई फिजिकल एक्टिविटी करते समय पीठ में झटका लग गया हो. या फिर गठिया एवं एंकिलोसिंग स्पॉन्डिलाइटिस जैसी कोई पुरानी स्थिति के कारण पीठ दर्द हो रहा हो. तीव्र पीठ दर्द के एपिसोड का इलाज ओटीसी नॉनस्टेरॉइडल एंटी-इंफ्लेमेटरी दवाओं (एनएसएआईडी) जैसे नेप्रोक्सन और इबुप्रोफेन द्वारा किया जा सकता है। एसिटोमोफिन भी लिया जा सकता है, हालांकि यह एनएसएआईडी नहीं है और इसलिए सूजन से नहीं लड़ता है। पेट में अल्सर या किडनी की समस्या वाले लोगों को इबुप्रोफेन लेने से पहले अपने चिकित्सक से परामर्श करना चाहिए।
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मालिश और मलहम: मलहम पीठ दर्द के लिए एक प्रभावी उपाय हैं। इन मलहमों में आमतौर पर लिडोकेन और इबुप्रोफेन जैसे तत्व होते हैं। एक अध्ययन में पाया गया कि 10 सप्ताह की अवधि में एक साप्ताहिक मालिश से पुराने पीठ दर्द से पीड़ित लोगों के दर्द और कार्यप्रणाली में सुधार हुआ।आपकी पीठ पर दर्द वाले क्षेत्रों पर नियमित रूप से बर्फ लगाने से चोट से होने वाले दर्द और सूजन को कम करने में मदद मिल सकती है। इसे दिन में कई बार हर बार 20 मिनट तक आज़माएँ।





