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Monday, March 30, 2026
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कर्नाटक के मुख्यमंत्री ने एकीकृत योजना के जरिए टिकाऊ खनन की वकालत की

बेंगलुरु, 28 मार्च (आईएएनएस)। खनन से पर्यावरण को होने वाले नुकसान पर बढ़ती चिंताओं के बीच कर्नाटक के मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई ने सोमवार को राज्य में स्थायी खनन को बढ़ावा देने का आह्वान किया और कर्नाटक राज्य खनिज निगम लिमिटेड को इसके लिए एक एकीकृत योजना तैयार करने का निर्देश दिया। उन्होंने निगम के स्वर्ण जयंती समारोह का शुभारंभ करते हुए खनन के कारण पर्यावरण को हो रहे विनाश को समाप्त करने के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा, खनिजों के विवेकपूर्ण उपयोग और अगले 50 वर्षो में चरणबद्ध तरीके से पर्यावरणीय क्षति की बहाली के लिए योजनाएं तैयार की जानी चाहिए। पर्यावरण को किसी भी तरह के नुकसान से बचने के लिए वैज्ञानिक तरीके से खनन किया जाना चाहिए। देश के लिए पहली बार कर्नाटक सरकार ने वित्तवर्ष 2022-23 के लिए राज्य के आम बजट में हरित बजट के तहत 100 करोड़ रुपये आवंटित किए। बोम्मई ने कहा कि यह वर्षो से प्रकृति को होने वाले पर्यावरणीय घाटे की भरपाई के लिए किया गया है। उन्होंने कहा, प्रकृति और मनुष्य दुनिया के निर्माण का हिस्सा हैं। आधुनिक तकनीक के लिए धन्यवाद, खनन अपशिष्ट धन में बदल गया है। खनन का एक लंबा इतिहास है। पिछली पीढ़ियों ने आने वाली पीढ़ियों के लिए प्राकृतिक संपदा को संरक्षित किया है और यह हमारा कर्तव्य है कि संतुलन बनाए रखें और इसे आने वाली पीढ़ियों को दें। इसलिए हमें स्थायी खनन की ओर बढ़ना चाहिए। –आईएएनएस एसजीके/एएनएम

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