नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। गुजरात के गिर सोमनाथ जिले में भूकंप के हल्के झटके महसूस किए गए। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र (NCS) के अनुसार, भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 3.1 मापी गई। भूकंप का केंद्र जमीन से 5 किलोमीटर की गहराई में था और इसकी स्थिति 21.23 डिग्री उत्तरी अक्षांश और 70.62 डिग्री पूर्वी देशांतर पर दर्ज की गई। भूकंप के झटके सुबह महसूस हुए, जिससे कुछ देर के लिए लोगों में डर का माहौल बन गया। हालांकि राहत की बात यह रही कि किसी भी तरह के जान-माल के नुकसान की कोई सूचना नहीं है। प्रशासन भी स्थिति पर नजर बनाए हुए है। इससे पहले भी देश के अन्य हिस्सों में भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं। एनसीएस के मुताबिक, कुछ दिन पहले असम के कामरूप जिले में 3.6 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया था।
मानसून से जुड़ी भूकंपीय गतिविधि
आईएसआर (ISR) के निदेशक सुमेर चोपड़ा ने बताया कि यह भूकंप मानसून से जुड़ी भूकंपीय गतिविधि का असर हो सकता है। उन्होंने कहा कि जब मानसून में सामान्य से ज्यादा बारिश होती है, तो उसके दो-तीन महीने बाद इस तरह के हल्के भूकंप के झटके आने लगते हैं। उन्होंने यह भी बताया कि गिर सोमनाथ के तालाला के अलावा पोरबंदर और जामनगर इलाकों में भी इस समय भूकंप के झटके आना आम बात है। जामनगर में पहले ऐसी गतिविधियां ज्यादा होती थीं, लेकिन अब इनमें कमी आई है।
भूकंप क्यों आते हैं?
वैज्ञानिकों के अनुसार, पृथ्वी की सतह पर मौजूद टेक्टोनिक प्लेटों की गति से भूकंप आते हैं। इन प्लेटों के नीचे एक परत होती है जिसे एस्थेनोस्फीयर कहा जाता है, जो बहुत धीमी गति से तरल पदार्थ की तरह व्यवहार करती है। टेक्टोनिक प्लेटों की गति के तीन मुख्य कारण माने जाते हैं मेंटल संवहन धाराएं, रिज पुश और स्लैब पुल वैज्ञानिक शोध बताते हैं कि स्लैब पुल प्लेटों की गति का सबसे बड़ा कारण होता है, जिससे भूकंप जैसी गतिविधियां होती हैं। हालांकि यह भूकंप कमजोर था, लेकिन फिर भी प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए संबंधित विभाग तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं।





