नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। गुरुग्राम से रिश्तों और इंसानियत को तार-तार कर देने वाला एक रूह कंपा देने वाला मामला सामने आया है। यहाँ सातवीं कक्षा में पढ़ने वाली एक 15 वर्षीय नाबालिग छात्रा के साथ कई महीनों तक रेप किया गया, जिसके परिणामस्वरूप पीड़िता ने रविवार (21 दिसंबर) को एक सरकारी अस्पताल में बच्चे को जन्म दिया। इस घटना के सामने आने के बाद इलाके में सन्नाटा पसरा है और पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया है। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।
दिसंबर से मार्च के बीच चलता रहा शोषण का सिलसिला
पुलिस की प्रारंभिक जांच में यह अत्यंत चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि नाबालिग बच्ची के साथ दरिंदगी का यह खेल एक-दो दिन नहीं, बल्कि कई महीनों तक चलता रहा। आरोपी ने दिसंबर 2024 से लेकर मार्च 2025 के बीच किशोरी को अपनी हवस का शिकार बनाया। बताया जा रहा है कि आरोपी ने पहले छात्रा का भरोसा जीता और फिर डरा-धमका कर लगातार उसका शारीरिक शोषण करता रहा। पीड़िता की कम उम्र और लोक-लाज के डर के कारण यह मामला महीनों तक दबा रहा, लेकिन जब किशोरी की तबीयत बिगड़ी और वह अस्पताल पहुँची, तब इस भयावह सच से पर्दा उठा।
भंडाफोड़ होने के डर से आरोपी ने छोड़ा था शहर
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि 34 वर्षीय आरोपी राजेश, जो एक निजी कंपनी में कार्यरत था, बेहद शातिर किस्म का व्यक्ति है। फरवरी महीने में जब उसे अंदेशा हुआ कि किशोरी गर्भवती हो सकती है और उसकी करतूतें उजागर हो सकती हैं, तो उसने आनन-फानन में अपना किराये का मकान खाली कर दिया। वह अपनी पहचान छिपाने और कानून की गिरफ्त से बचने के लिए लगातार ठिकाने बदल रहा था। हालांकि, पुलिस की सक्रियता के आगे उसकी चालबाजी काम नहीं आई।
सेक्टर-10 थाने में मामला दर्ज, आरोपी न्यायिक हिरासत में
पीड़िता के परिजनों की शिकायत और मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर गुरुग्राम के सेक्टर-10 पुलिस स्टेशन में आरोपी राजेश के खिलाफ पॉक्सो (POCSO) एक्ट और अन्य संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। रविवार को पुलिस ने घेराबंदी कर आरोपी को दबोच लिया। गिरफ्तारी के बाद उसे स्थानीय अदालत में पेश किया गया, जहाँ से माननीय न्यायाधीश ने उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है।
चिकित्सकों की निगरानी में जच्चा-बच्चा
फिलहाल, नाबालिग पीड़िता और नवजात बच्चा सरकारी अस्पताल में चिकित्सकों की एक विशेष टीम की कड़ी निगरानी में हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पीड़िता को हर संभव चिकित्सकीय और कानूनी सहायता प्रदान की जा रही है। पुलिस उपायुक्त (DCP) ने स्पष्ट किया है कि मामले की सघन जांच जारी है और यह सुनिश्चित किया जाएगा कि आरोपी को कड़ी से कड़ी सजा मिले ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सके।





