नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। गुजरात में मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल की सरकार में शुक्रवार को बड़ा राजनीतिक बदलाव होने जा रहा है। राज्य में मंत्रिमंडल फेरबदल को लेकर हलचल तेज है। नई टीम के शपथ ग्रहण की पूरी तैयारी हो चुकी है और जिससे एक दिन पहले गुजरात के सभी मंंत्रियों ने इस्तीफा दे दिया है।
तीन साल बाद बड़ा बदलाव, स्थानीय निकाय चुनाव से पहले उठाया कदम
भूपेंद्र पटेल सरकार के तीन साल पूरे होने पर यह फेरबदल किया जा रहा है। आने वाले महीनों में राज्य में महानगर पालिका, जिला पंचायत और नगरपालिकाओं के चुनाव होने वाले हैं। ऐसे में यह कदम भाजपा की चुनावी रणनीति का अहम हिस्सा माना जा रहा है। पार्टी का लक्ष्य है कि युवा और सक्रिय नेताओं के ज़रिए चुनावी ऊर्जा बढ़ाई जाए।
कब और कैसे होगा फेरबदल?
सूत्रों के मुताबिक, नए मंत्रियों के नाम गुरुवार देर रात या शुक्रवार सुबह तक फाइनल कर लिए जाएंगे। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने गुरुवार को कैबिनेट बैठक में मौजूदा मंत्रियों से इस्तीफा ले लिया। इसके बाद शपथ ग्रहण समारोह राज्यपाल भवन में होगा। हटाए गए मंत्रियों को पार्टी संगठन में नई जिम्मेदारियां दी जा सकती हैं, ताकि सरकार और संगठन में बेहतर तालमेल बना रहे। हाल ही में भाजपा ने जगदीश विश्वकर्मा को गुजरात का नया प्रदेश अध्यक्ष बनाया है। पार्टी की नीति के अनुसार, उन्हें अब सहकारिता मंत्री पद से इस्तीफा देना होगा। इससे उस विभाग में नए मंत्री की नियुक्ति तय मानी जा रही है। माना जा रहा है कि फेरबदल से प्रभावित कुछ नेताओं को पार्टी संगठन में अहम भूमिकाएं दी जाएंगी। लगभग 20 नए चेहरे मंत्रिमंडल में शामिल किए जा सकते हैं। कुछ राज्य मंत्रियों को कैबिनेट रैंक पर प्रमोशन भी दिया जाएगा। फेरबदल में क्षेत्रीय और जातीय संतुलन का ध्यान रखा जा रहा है, ताकि सौराष्ट्र, उत्तर और दक्षिण गुजरात के सभी क्षेत्रों को उचित प्रतिनिधित्व मिल सके।





