नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ अपने ही घर में दो मैचों की टेस्ट सीरीज में 0-2 से करारी हार झेलने के बाद भारतीय क्रिकेट टीम इतिहास के सबसे कमजोर दौर से गुज़र रही है। इस सीरीज में गुवाहाटी टेस्ट मैच में रनों के लिहाज से मिली 408 रनों की पराजय भारत के टेस्ट इतिहास की सबसे बड़ी हार थी। इस शर्मनाक प्रदर्शन के बाद, 1983 वर्ल्ड कप विजेता टीम के कप्तान और पूर्व दिग्गज कपिल देव ने टीम इंडिया पर जमकर गुस्सा निकाला है। उन्होंने न केवल बल्लेबाजों के प्रदर्शन पर सवाल उठाए, बल्कि घरेलू क्रिकेट की अनदेखी को भी हार का मुख्य कारण बताया।
”आज के टॉप खिलाड़ी घरेलू क्रिकेट क्यों नहीं खेल रहे?”
कपिल देव ने टेस्ट सीरीज में भारतीय बल्लेबाजों की स्पिन के खिलाफ कमजोरी पर विशेष रूप से निशाना साधा। दक्षिण अफ्रीका के ऑफ स्पिनर साइमन हार्मर ने भारतीय सरजमीं पर शानदार प्रदर्शन करते हुए ‘प्लेयर ऑफ द सीरीज’ का खिताब जीता। कपिल देव ने स्पोर्ट्स स्टार से बात करते हुए कहा कि, मौजूदा पीढ़ी के खिलाड़ी अलग-अलग तरह की मुश्किल पिचों पर खेलने से बचते हैं, जबकि पिछली पीढ़ी के खिलाड़ी घरेलू क्रिकेट (Domestic Cricket) खेलकर ही तकनीक और मानसिक मजबूती हासिल करते थे।मैं जानना चाहता हूं कि आज के कितने टॉप खिलाड़ी घरेलू क्रिकेट खेल रहे हैं। अगर आप डोमेस्टिक क्रिकेट में क्वालिटी गेंदबाजों का सामना नहीं करेंगे, तो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संघर्ष करेंगे।
‘ऐसी पिच का क्या फायदा जहां टॉस हारो और मैच हारो’
कपिल देव ने सिर्फ खिलाड़ियों की तैयारी पर ही नहीं, बल्कि कोलकाता के ईडन गार्डन्स में हुए पहले टेस्ट की पिच पर भी कड़ा रुख अपनाया, जो मात्र तीन दिन में समाप्त हो गया था। कपिल देव ने नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि आजकल फोकस टी20 और वनडे फॉर्मेट पर ज्यादा है, और बल्लेबाज मुश्किल पिचों पर खेलने की आदत खो चुके हैं। उन्होंने कहा, ऐसी पिच का क्या फायदा जहां टॉस हारो और मैच हारो। जहां कोई टीम 200 भी पार ना कर पाए। यह टेस्ट क्रिकेट के लिए अच्छा नहीं है।उन्होंने जोर देकर कहा कि स्पिन और सीम दोनों को मदद करने वाली पिचों पर खेलने के लिए धैर्य और अलग स्किल की जरूरत होती है, जो मौजूदा दौरे के खिलाड़ी विकसित नहीं कर पा रहे हैं।
WTC अंकतालिका में फिसला भारत
साउथ अफ्रीका के खिलाफ इस हार के बाद भारतीय टीम वर्ल्ड टेस्ट चैम्पियनशिप (WTC) 2025-27 की अंकतालिका में पाँचवें स्थान पर खिसक गई है। इस चक्र में भारतीय टीम ने नौ में से केवल चार मैच जीते हैं और उसका अंक प्रतिशत 48.15 है।शुभमन गिल की कप्तानी वाली भारतीय टीम का अगला टेस्ट असाइमेंट अब काफी दूर है, जब वे अगले साल अगस्त में श्रीलंका दौरे पर दो टेस्ट मैच खेलेंगे। मौजूदा चक्र में भारत के अभी भी 9 टेस्ट मैच बाकी हैं, जिनमें से 4 विदेशी जमीन पर खेले जाने हैं।





