back to top
27.1 C
New Delhi
Monday, March 30, 2026
spot_imgspot_imgspot_imgspot_img

Bihar Chunav 2025: मनीष कश्यप के बाद अब पवन सिंह भी होंगे PK के साथी! जन सुराज ही क्यों है एकमात्र विकल्प?

बिहार में 2025 विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी गर्मी तेज हो गई है। चर्चित यूट्यूबर मनीष कश्यप के बाद अब भोजपुरी के पावर स्टार पवन सिंह के भी PK की पार्टी जन सुराज में शामिल होने की अटकले तेज हो गई हैं।

नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। बिहार में 2025 विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी गर्मी तेज हो गई है। चर्चित यूट्यूबर मनीष कश्यप के बाद अब भोजपुरी के पावर स्टार पवन सिंह के भी प्रशांत किशोर (PK) की पार्टी जन सुराज में शामिल होने की अटकलें तेज हो गई हैं। मनीष पहले ही भाजपा छोड़ चुके हैं और उनके जन सुराज में शामिल होने की खबर लगभग तय मानी जा रही है। अब पवन सिंह की भी इसी राह पर चलने की बात सामने आ रही है।

क्यों पवन सिंह के पास नहीं बचा कोई और मजबूत विकल्प?

पवन सिंह के पास विकल्पों की कमी के पीछे कई राजनीतिक कारण हैं। उन्होंने 2024 के लोकसभा चुनाव में निर्दलीय चुनाव लड़कर 2.74 लाख वोट हासिल किए थे और खुद को मजबूत दावेदार के तौर पर पेश किया। लेकिन अब सवाल उठता है कि उन्होंने जन सुराज को ही क्यों चुना? आइए इसे समझते हैं, पवन सिंह कभी बीजेपी के सक्रिय नेता थे और प्रदेश कार्यकारिणी के सदस्य भी रहे। लेकिन 2024 में पार्टी ने उन्हें पश्चिम बंगाल के आसनसोल से टिकट दिया, जिसे उन्होंने ठुकरा दिया और बिहार से चुनाव लड़ने की जिद पर अड़ गए। बीजेपी के इनकार के बाद उन्होंने काराकाट से निर्दलीय चुनाव लड़ा। इससे पार्टी और उनके बीच की दूरी और बढ़ गई। अब बीजेपी के लिए उन्हें दोबारा अपनाना आसान नहीं होगा, खासकर उपेंद्र कुशवाहा जैसे नेताओं की नाराजगी के डर से।

जन सुराज की ज़रूरत और पवन की लोकप्रियता – ‘परफेक्ट मेल’

प्रशांत किशोर की पार्टी जन सुराज को लोकल और लोकप्रिय चेहरों की तलाश है, और पवन सिंह को ऐसी पार्टी की जो उन्हें पहचान दे और मंच भी। पवन के पास जनता का समर्थन है, वहीं जन सुराज युवाओं को जोड़ने और साफ-सुथरी राजनीति की बात करती है, जो पवन की नई राजनीतिक छवि को भी सूट करती है। दोनों एक-दूसरे के लिए ‘विन-विन’ स्थिति में हैं।

‘चुनावी ऐलान कर चुके हैं पवन, पीछे हटने का सवाल ही नहीं’

पवन सिंह ने पहले ही साफ कर दिया है कि वे विधानसभा चुनाव लड़ेंगे और पीछे हटने वाले नहीं हैं। उन्होंने मार्च में ही ऐलान कर दिया था कि वह काराकाट से ही चुनाव लड़ेंगे। ऐसे में उनके लिए किसी ठोस राजनीतिक मंच की जरूरत है, ताकि चुनाव में जीत की संभावनाएं बढ़ सकें। 2024 के लोकसभा चुनाव में पवन सिंह ने निर्दलीय चुनाव लड़ते हुए लगभग तीन लाख वोट हासिल किए और उपेंद्र कुशवाहा जैसे बड़े नेता को पीछे छोड़ दिया। लेकिन उन्हें और उनके समर्थकों को लगता है कि अगर किसी पार्टी का समर्थन होता, तो नतीजा और बेहतर हो सकता था। इसलिए विधानसभा चुनाव में निर्दलीय लड़ने से बेहतर है कि किसी पार्टी के साथ जाया जाए – और जन सुराज फिलहाल सबसे सटीक विकल्प नजर आ रही है। पवन सिंह की जन सुराज में एंट्री अब महज औपचारिकता भर लगती है। मनीष कश्यप के बाद अगर पवन भी PK के साथ आते हैं, तो यह पार्टी के लिए बड़ा चेहरा होगा। साथ ही बिहार की राजनीति में फिल्म और सोशल मीडिया से जुड़े इन चेहरों की एंट्री से चुनावी मुकाबला और रोचक हो सकता है।

Advertisementspot_img

Also Read:

सरकारी पैसे के दुरुपयोग का देखिए नमूना: मंत्री संजय सिंह के कैलेंडर पर RJD का हमला, पूछा- विभाग का है या निजी?

नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। बिहार की राजनीति में एक बार फिर बयानबाजी तेज हो गई है। RJD ने Sanjay Singh पर गंभीर आरोप लगाए हैं।...
spot_img

Latest Stories

इस Hanuman Jayanti भगवान को लगाएं ‘बेसन के लड्डुओं’ का भोग, ये रही खास रेसिपी

नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। हनुमान जयंती (Hanuman Jayanti) का...

PMKVY क्या है? जानें योग्यता, जरूरी दस्तावेज और आवेदन की पूरी प्रक्रिया

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। PMKVY एक कौशल प्रशिक्षण योजना है...

Parth Pawar और Raj Thackrey की मुलाकात से गरमाई महाराष्ट्र की राजनीति, नए समीकरणों की अटकलें तेज

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। महाराष्ट्र की राजनीति में एक नई...
⌵ ⌵ ⌵ ⌵ Next Story Follows ⌵ ⌵ ⌵ ⌵