नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। लालू प्रसाद यादव के परिवार में लंबे समय से चल रही कलह अभी भी शांत नहीं हुई है। इस बीच उनकी बेटी रोहिणी आचार्य ने एक बार फिर अपने दर्द और संघर्ष को सोशल मीडिया के माध्यम से साझा किया है। रोहिणी ने सोशल मीडिया पर अपनी पोस्ट में परिवार के भीतर चल रही मानसिक और भावनात्मक उलझनों का जिक्र किया और साफ किया कि अक्सर परिवार के भीतर ही वे लोग होते हैं जो बड़ी विरासत और नाम-रुतबे को नुकसान पहुंचा सकते हैं। उन्होंने लिखा कि बड़ी शिद्दत से बनाई गई और खड़ी की गई विरासत को तहस-नहस करने के लिए बाहरी लोगों की जरूरत नहीं होती, बल्कि अपनों और नए बने षड्यंत्रकारी अपने ही काफी होते हैं।
”विनाशक शक्तियाँ बुद्धि और विवेक को अपने वश में कर लेती हैं”
रोहिणी के अनुसार, जब अहंकार सिर पर चढ़ जाता है और विवेक पर पर्दा पड़ जाता है, तब विनाशक शक्तियाँ बुद्धि और विवेक को अपने वश में कर लेती हैं। उन्होंने अपने पोस्ट में स्पष्ट किया कि जिस वजह से किसी की पहचान और वजूद होता है, वही अपनों के बहकावे में आकर उस पहचान को मिटाने की कोशिश करते हैं। रोहिणी का यह बयान सीधे तौर पर परिवार के भीतर की जटिल परिस्थितियों और भावनात्मक तनाव की ओर इशारा करता है।
पिता को किडनी देने के मुद्दे पर भी विवाद हुआ
यह कोई पहला मौका नहीं है जब रोहिणी ने अपने परिवार के खिलाफ नाराजगी जताई हो। हाल ही में उन्होंने राजनीति और परिवार छोड़ने का ऐलान किया था। उस समय उन्होंने सोशल मीडिया पर गंभीर आरोप लगाए थे कि उन्हें गालियों और अपमानजनक व्यवहार का सामना करना पड़ा। उन्होंने खुलासा किया कि उनके पिता को उनकी किडनी लगवाने के मुद्दे पर भी विवाद हुआ, जिसमें उन्होंने करोड़ों रुपए लेने और राजनीतिक टिकट की बात का जिक्र किया। रोहिणी ने बेटियों और बहनों को चेतावनी दी थी कि किसी भी परिस्थिति में अपने फैसले में सतर्क रहें और अपने अधिकारों की रक्षा करें।
”परिवार के अपने और पराए” दोनों का जिक्र किया
रोहिणी की पोस्ट में परिवार के अपने और पराए दोनों का जिक्र किया गया है। उन्होंने यह स्पष्ट किया कि कई बार वही लोग, जिनकी वजह से किसी का वजूद और पहचान बनी होती है, वही उस पहचान और विरासत को खतरे में डालने का प्रयास करते हैं। उनका कहना है कि बड़े अहंकार और सत्ता के लालच में लोग अपने विवेक को खो देते हैं और उनके निर्णय परिवार और अन्य लोगों के लिए विनाशकारी साबित हो सकते हैं।
सोशल मीडिया पर भी चर्चा का विषय बना
इस पोस्ट ने सोशल मीडिया पर भी चर्चा का विषय बना दिया है। रोहिणी आचार्य के फॉलोअर्स और पत्रकार इस मामले पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। उनका यह बयान परिवार और सत्ता में चल रही जटिलताओं पर सवाल उठाता है। कई लोग इसे पारिवारिक राजनीति और व्यक्तिगत संघर्ष का आईना मान रहे हैं। रोहिणी का यह कदम यह भी दर्शाता है कि व्यक्ति अपने अधिकार और न्याय के लिए किसी भी परिस्थिति में आवाज उठा सकता है।





