नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। चुनावी साल में कांग्रेस नेता राहुल गांधी लगातार बिहार का दौरा कर रहे हैं। रविवार को वह तीसरी बार बिहार पहुंचे और बेगूसराय में ‘पलायन रोको, नौकरी दो’ पदयात्रा में शामिल हुए। इस यात्रा का नेतृत्व कांग्रेस नेता कन्हैया कुमार कर रहे हैं।
सिर्फ 1 किलोमीटर चले राहुल, नुक्कड़ सभा भी नहीं की संबोधित
राहुल गांधी इस पदयात्रा में केवल 24 मिनट तक शामिल रहे और लगभग 1 किलोमीटर की दूरी तय की। उन्होंने कोई नुक्कड़ सभा भी संबोधित नहीं की, जिससे यह चर्चा का विषय बन गया कि इतनी कम दूरी में यात्रा क्यों समाप्त हो गई। राहुल गांधी ने यात्रा के दौरान 2019-21 के बीच लंबित सेना भर्ती की परीक्षा देने वाले कई युवाओं से मुलाकात की। उन्होंने उनकी समस्याएं सुनीं और भरोसा दिलाया कि कांग्रेस उनकी आवाज सरकार तक पहुंचाएगी। साथ ही उन्होंने स्थानीय महिलाओं से भी बातचीत कर उनके मुद्दे जाने।
आईटीआई मैदान से शुरू होकर दिनकर गोलंबर पर खत्म हुई पदयात्रा
यह पदयात्रा बेगूसराय के आईटीआई मैदान से शुरू हुई और सुभाष चौक होते हुए हर हर महादेव चौक पर खत्म हुई। यात्रा के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं में काफी जोश देखा गया। ढोल-नगाड़ों के साथ वे राहुल गांधी का स्वागत करते नजर आए।
कन्हैया कुमार ने जनता से की अपील – “इस यात्रा में साथ चलें”
कांग्रेस नेता कन्हैया कुमार ने कहा कि बिहार में रोजगार और शिक्षा के लिए यह पदयात्रा जरूरी है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे सफेद टी-शर्ट पहन कर इस यात्रा में शामिल हों और सरकार तक अपनी आवाज पहुंचाएं। कांग्रेस पार्टी ने इस पदयात्रा को बिहार के युवाओं के संघर्ष की आवाज बताया। पार्टी की ओर से कहा गया कि राज्य के नौजवानों को उनके ‘न्याय का हक’ दिलाया जाएगा। हमारा मकसद यही है कि बिहार के युवा अपने राज्य में ही रोजगार पाएं और पलायन को रोका जाए। पदयात्रा में शामिल होने के बाद राहुल गांधी बेगूसराय से पटना के लिए रवाना हो गए। यात्रा के दौरान उनके स्वागत में जगह-जगह फूल बरसाए गए और लोग भारी संख्या में उन्हें देखने पहुंचे।




