नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। विदेशी ब्रोकरेज फर्म नोमुरा (Nomura) ने भारत और अमेरिका के बीच लंबे समय से लंबित व्यापार समझौते (Trade Deal) को लेकर एक बड़ा अपडेट जारी किया है। फर्म ने अनुमान जताया है कि अगर यह डील फाइनल होती है, तो भारत पर लागू अमेरिका का 50 प्रतिशत टैरिफ संशोधित होकर सिर्फ 20 प्रतिशत के आसपास किया जा सकता है।भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील को लेकर छह दौर की बातचीत हो चुकी है, लेकिन अभी तक अंतिम फैसला नहीं लिया गया है। हालांकि, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप कई बार दोनों देशों के बीच सकारात्मक डील होने की बात कह चुके हैं।
नोमुरा ने माना है कि दोनों देशों की तरफ से सकारात्मक संकेत मिलने के बावजूद समझौते का नतीजा अभी तक अनिश्चित बना हुआ है। लेकिन, फर्म ने भरोसा जताया है कि जल्द ही दोनों देशों के बीच डील हो जाएगी। फर्म का अनुमान है कि डील होने के बाद भारत पर लगा अमेरिकी टैरिफ 50 प्रतिशत से घटाकर 20 प्रतिशत के आसपास तय किया जाएगा।ब्रोकरेज फर्म ने यह भी कहा है कि शेयर बाजार को उम्मीद है कि साल के अंत तक दोनों देशों के बीच यह ट्रेड डील हो जाएगी।
भारत की ग्रोथ रेट से दुनिया हैरान
नोमुरा ने भारत की जीडीपी ग्रोथ रेट को लेकर भी अपने अनुमान में बदलाव किया है।GDP अनुमान में वृद्धि, फर्म ने वित्त वर्ष 2026 के लिए भारत की जीडीपी ग्रोथ रेट को 7 प्रतिशत से बढ़ाकर 7.5 प्रतिशत कर दिया है।हाल ही में वित्त मंत्रालय ने बताया था कि जुलाई से सितंबर तिमाही में भारत ने 8.2 प्रतिशत के जीडीपी ग्रोथ रेट के साथ वृद्धि की है, जिसे देखकर पूरी दुनिया हैरान है।
जनवरी में सत्ता संभालने के बाद डोनाल्ड ट्रंप ने पहले चीन और फिर भारत पर भारी टैरिफ लगाए थे। हालांकि, आईएमएफ जैसी बड़ी संस्थाओं ने उस समय कहा था कि अमेरिकी टैरिफ भारत की अर्थव्यवस्था को बहुत ज्यादा प्रभावित नहीं कर पाएंगे, और नोमुरा ने भी भारत की अर्थव्यवस्था के स्थिर रहने का अनुमान जताया था, जो अब सच साबित हुआ है।
नोमुरा ने अपने ताजा अनुमान में कहा है कि भारत का वित्त वर्ष 2026 का जीडीपी ग्रोथ रेट 7 प्रतिशत से बढ़कर 7.5 प्रतिशत हो सकता है। हालांकि, दिसंबर के लिए 25 बेसिस पॉइंट्स की मौजूदा कटौती बरकरार रहेगी। हाल ही में जारी सरकारी आंकड़ों के अनुसार, जुलाई-सितंबर तिमाही में भारत का GDP ग्रोथ रेट 8.2 प्रतिशत दर्ज किया गया है, जो अर्थशास्त्रियों और निवेशकों के लिए सकारात्मक संकेत है।
विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिकी टैरिफ के बावजूद भारत की अर्थव्यवस्था स्थिर बनी हुई है और व्यापार समझौता होने पर दोनों देशों के बीच आर्थिक सहयोग और बढ़ेगा। नोमुरा ने कहा कि यदि अमेरिका टैरिफ को 20 प्रतिशत तक घटाता है, तो यह भारतीय निर्यातकों के लिए बड़ा फायदा होगा और बाजार में उत्साह बढ़ाएगा।
इस तरह, अमेरिका-भारत ट्रेड डील की दिशा में सकारात्मक संकेत मिलने लगे हैं, और भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूती वैश्विक निवेशकों के लिए आकर्षण का केंद्र बनी हुई है।





