नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। तमिलनाडु की राजनीति शुक्रवार सुबह उस वक्त हिल गई जब मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन और राज्यपाल आर.एन. रवि के आधिकारिक आवासों को बम से उड़ाने की धमकी मिली। धमकी मिलते ही राज्य की सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट मोड पर आ गईं और राजधानी चेन्नई में भारी सुरक्षा तैनात कर दी गई।
अलवरपेट स्थित सीएम आवास और राजभवन में तलाशी
धमकी की सूचना मिलते ही पुलिस, बम निरोधक दस्ते और खोजी कुत्तों की टीम अलवरपेट स्थित मुख्यमंत्री आवास और राजभवन पहुंच गई। दोनों जगहों पर सघन तलाशी अभियान चलाया गया। हालांकि, अब तक किसी भी स्थान से कोई संदिग्ध वस्तु बरामद नहीं हुई है। पुलिस ने मुख्यमंत्री और राज्यपाल के आवासों पर सुरक्षा बढ़ा दी है। शहर के अन्य संवेदनशील इलाकों में भी सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है। पुलिस ने अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पहले भी मिल चुकी हैं धमकियां
यह कोई पहला मौका नहीं है जब मुख्यमंत्री स्टालिन को धमकी मिली हो। अगस्त 2023 में भी उनके आवास को उड़ाने की धमकी देने पर एक युवक गिरफ्तार हुआ था। जुलाई 2024 में स्टालिन के आवास पर बम धमकी कॉल आया, जो बाद में झूठा निकला। इसी साल अगस्त में स्वतंत्रता दिवस से पहले भी उन्हें धमकी मिली थी। चेन्नई एयरपोर्ट पर भी 2024 में फ्लाइट से पहले बम धमकी वाला ईमेल आया था, जिससे हड़कंप मच गया था।
अभिनेता विजय को भी धमकी
तमिलगा वेत्री कझगम प्रमुख और अभिनेता-नेता विजय को भी इस सप्ताह की शुरुआत में धमकी मिली थी। करूर में उनकी रैली के दौरान भगदड़ में 41 लोगों की मौत के बाद, उनके नीलांकराई स्थित आवास पर सुरक्षा कड़ी कर दी गई थी। लगातार मिल रही धमकियों ने तमिलनाडु प्रशासन और पुलिस की चिंता बढ़ा दी है। हालांकि हर बार जांच में यह धमकियां झूठी साबित हुईं, फिर भी सरकार कोई रिस्क लेने के मूड में नहीं है और सुरक्षा पर पूरा जोर दिया जा रहा है।





