नई दिल्ली, 30 मई (आईएएनएस)। बड़ी संख्या में भारतीयों ने बुखार, थकान, सूखी खांसी, सर्दी, नाक बंद और नाक बहने जैसे लक्षणों को महसूस किया है, जिसके कारण उन्हें कोविड परीक्षण के लिए जाना पड़ा। आईएएनएस-सीवोटर कोविड ट्रैकर सर्वेक्षण से पता चलता है कि लगभग 8.5 प्रतिशत भारतीयों को तेज बुखार, 6.5 प्रतिशत ने सूखी खांसी, 6.2 प्रतिशत थकान, 5 प्रतिशत शरीर में दर्द और 4.9 प्रतिशत ने कहा कि उन्हें सर्दी, नाक बंद और नाक बहने की शिकायत थी। कुल 3.4 प्रतिशत भारतीयों ने कहा कि उन्हें सांस लेने में कठिनाई का सामना करना पड़ा जबकि 3.5 प्रतिशत ने गले में खराश या गले में दर्द की शिकायत की। सर्वेक्षण में शामिल अधिकांश लोगों ने स्वीकार किया कि उनके पड़ोसियों में ये लक्षण हैं । उनके बाद उनके घर के लोग और कुछ ने कहा कि वे स्वयं भी इसी तरह की स्वास्थ्य समस्याओं का सामना कर रहे थे। कुल 8.4 प्रतिशत भारतीयों ने कहा कि उनके पड़ोसी फ्लू जैसे लक्षणों का सामना कर रहे हैं। 3.4 प्रतिशत ने स्वीकार किया कि यह उनके घर में था जबकि 2.8 प्रतिशत ने कहा कि वे समान मुद्दों का सामना कर रहे हैं। पिछले एक हफ्ते में किए गए सर्वे के दौरान देशभर में कुल 6,872 लोगों से ये सवाल पूछे गए। यह पूछे जाने पर कि आपके घर में आपके परिवार के लिए कितने दिनों का राशन, दवा या राशन या दवा के लिए पैसा उपलब्ध है, इसपर 24 प्रतिशत ने कहा कि यह एक महीने के लिए उपलब्ध है जबकि 22.4 प्रतिशत ने कहा कि यह एक सप्ताह के लिए इसकी उपलब्ध है। वहीं 15.7 प्रतिशत ने स्वीकार किया कि यह केवल एक सप्ताह से भी कम समय के लिए है। कुल 19.3 प्रतिशत ने कहा कि यह एक महीने से अधिक समय तक उपलब्ध रहेगा जबकि 15.1 प्रतिशत ने कहा कि यह दो सप्ताह के लिए पर्याप्त है। जबकि 3.4 फीसदी ने कहा कि ये आइटम उनके लिए तीन हफ्ते के लिए उपलब्ध हैं। –आईएएनएस आरएचए/आरजेएस




